अरुणाचल के अभिनेता ताई तुगुंग को मिला ‘नरेंद्र सिंह नेगी’ संस्कृति सम्मान
अरुणाचल के अभिनेता ताई तुगुंग को मिला ‘नरेंद्र सिंह नेगी’ संस्कृति सम्मान
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कम शब्दों में कहें तो, अरुणाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अभिनेता ताई तुगुंग को हाल ही में ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान-2026’ से नवाजा गया। यह सम्मान उन्हें उत्तराखंड की लोक संस्कृति के प्रति उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस गरिमामयी अवसर पर कहा कि ताई तुगुंग ने न्यीशी भाषा, रंगकर्म और सिनेमा के जरिए अरुणाचल प्रदेश की लोक संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाई है।
नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों का विमोचन
इस सम्मान समारोह में लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों के अंग्रेजी अनुवाद पर आधारित पुस्तक “Mountain Melodies of Narendra Singh Negi” का विमोचन किया गया। प्रमुखता से यह पुस्तक उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने नेगी जी को उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वास्थ्य की कामना की तथा कहा कि नेगी जी की कला ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है।
ताई तुगुंग और उनका योगदान
ताई तुगुंग, जो एक प्रख्यात अभिनेता और नाटककार हैं, ने अपनी नाटकीय प्रस्तुतियों और फिल्म ‘संगी माई’ के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई है। उनके चर्चित नाटक ‘लप्या’ ने भी दर्शकों को खासा प्रभावित किया है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि यह सम्मान हिमालयी राज्यों में संस्कृति, साहित्य, और कला के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान करने वाले व्यक्तित्वों को समर्पित है। उन्होंने तुगुंग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वह युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति को अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण बताते हुए कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल जैसे पारंपरिक गीत और ढोल, दमाऊ, जैसे वाद्ययंत्र हमारी सांस्कृतिक पहचान के महत्वपूर्ण आधार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में कई युवा कलाकार आधुनिक संगीत के साथ लोकगीतों को नई पहचान दिला रहे हैं, जिससे हमारी संस्कृति को एक नया दिशा मिल रहा है।
सरकार के प्रयास
मुख्यमंत्री ने लोक कलाकारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से लिए गए कई फैसलों का उल्लेख किया। अब तक 275 सांस्कृतिक दलों और 226 एकल कलाकारों को सूचीबद्ध किया गया है, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।
इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों और साहित्यकारों के लिए पेंशन को बढ़ाकर 6000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है, जिसका लाभ वर्तमान में 180 कलाकारों को मिल रहा है।
सांस्कृतिक संस्थानों का विकास
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उत्तराखंड में साहित्य और संस्कृति के लिए दो ‘साहित्य ग्राम’ विकसित किए जा रहे हैं। ये स्थान साहित्यकारों के लिए आवास, पुस्तकालय और अध्ययन केंद्र जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगे।
इस मौके पर लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी, अनेक साहित्यकार और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इनके योगदान की सराहना की और कहा कि उनकी कला ने हमारी संस्कृति को समृद्ध किया है।
अंत में, यह समारोह न केवल ताई तुगुंग की उपलब्धियों की पहचान है, बल्कि यह उन सभी कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है जो अपनी कला और संस्कृति के माध्यम से हमारे समाज की सेवा कर रहे हैं।
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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
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