आपदा प्रबंधन में छात्रों को सिखाया गया खोज-बचाव और प्राथमिक उपचार

Oct 9, 2026 - 00:44
 118  11.9k
आपदा प्रबंधन में छात्रों को सिखाया गया खोज-बचाव और प्राथमिक उपचार
आपदा प्रबंधन में छात्रों को सिखाया गया खोज-बचाव और प्राथमिक उपचार

आपदा प्रबंधन में छात्रों को सिखाया गया खोज-बचाव और प्राथमिक उपचार

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चंद्रबदनी नैखरी में छात्रों को आपदा प्रबंधन का महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में खोज-बचाव और प्राथमिक उपचार की तकनीकों पर जोर दिया गया।

8 अक्टूबर को, जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) टिहरी गढ़वाल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में कॉलेज के छात्रों और स्टाफ को आपदाओं से निपटने के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। यह कार्यक्रम जाखणीधार ब्लॉक क्षेत्र में आयोजित हुआ, जहां छात्रों को प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान किया गया।

आपदा की प्राथमिकताएँ

DDMA के मास्टर ट्रेनर अनिल सकलानी ने बताया कि छात्र-छात्राओं को आपदा से पहले, दौरान और बाद में बरती जाने वाली सावधानियों के साथ ही खोज-बचाव और प्राथमिक उपचार की तकनीकें सीखाई गईं। प्रशिक्षण में शामिल विषयों में शामिल थे: भूकंप, बाढ़, जलभराव, घरेलू आग, और जंगल की आग के दौरान क्या करें और क्या नहीं करें।

प्रशिक्षण में शामिल तकनीकें

प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिसस्सिटेशन) देने की विधि और अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने की तकनीकें सीखाई गईं। इसके अलावा, स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके स्ट्रेचर बनाना और घायलों को सुरक्षित रूप से कैसे उठाना है, इस पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। छात्रों को खोज और बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले विभिन्न उपकरणों और आवश्यक गांठों का भी ज्ञान दिया गया।

आपातकालीन उपकरणों की जानकारी

प्रशिक्षण सत्र में, छात्रों को आपातकालीन टोल-फ्री नंबरों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही, उन्हें भूदेव ऐप डाउनलोड करने और उसके उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया। यह ऐप आपदाओं की स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करने में सहायक हो सकता है।

प्रसिद्ध वक्ताओं की उपस्थिति

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महंथ मौर्य के साथ-साथ अन्य प्रमुख शिक्षकों जैसे डॉ. दमाधर दीक्षित, डॉ. जी.पी. कमलियाल, डॉ. सौम्या कबटियाल, डॉ. मोहित उप्रेती, डॉ. सुरेश भट्ट, डॉ. वेदनी सिंह, डॉ. पूनम, डॉ. चंदन, और डॉ. प्रदीप चौधरी ने भाग लिया। प्रशिक्षण का अनुभव सभी के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।

निष्कर्ष

इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्र-छात्राओं में आत्मनिर्भरता का विकास करते हैं और उन्हें आपदाओं के समय प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम बनाते हैं। प्राथमिक उपचार की जानकारी और बचाव कार्यों में दक्षता उन्हें न केवल अपने बल्कि दूसरों की जान भी बचाने में सहायक बनाती है। हमें उम्मीद है कि इस तरह के कार्यक्रमों से अधिक लोग जागरूक होंगे और आपदाओं के समय तैयार रहेंगे।

सभी छात्रों को आगे भी ऐसे प्रशिक्षण में भाग लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह उनके व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को भी दर्शाता है।

अधिक जानकारी के लिए हमसे जुड़े रहें। https://amritabazaarpatrika.com

Team Amrita Bazaar Patrika - साक्षी शर्मा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0