आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की समीक्षा: कैबिनेट मंत्री की बैठक
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की समीक्षा: कैबिनेट मंत्री की बैठक
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कम शब्दों में कहें तो: कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को राहत, पुनर्वास एवं क्षतिग्रस्त सुविधाओं की शीघ्र बहाली के निर्देश दिए।
अविकल उत्तराखंड
पौड़ी। हाल ही में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के पश्चात कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सोमवार को जिला कार्यालय में एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिलाधिकारी एवं विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ आपदा से हुई क्षति, राहत एवं पुनर्वास कार्यों पर चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करें और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं को जल्द से जल्द बहाल करें।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान मानसून सीजन में जनपद की 459 सड़कें प्रभावित हुई थीं, जिनमें से अधिकांश को यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है। हालांकि, हाल ही में भारी बारिश के कारण 18 और सड़कें प्रभावित हुई हैं। कैबिनेट मंत्री ने शेष मार्गों को भी शीघ्र सुचारु करने का निर्देश दिया और विशेष रूप से बेला क्षेत्र में सड़क वॉशआउट, पीपलघाट में जलभराव तथा चाकीसैंण क्षेत्र के मजरा महादेव के नजदीक क्षतिग्रस्त सड़क पर ध्यान देने की बात कही।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने आपदा से हुई क्षति, राहत वितरण और पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार काम कर रही हैं।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद में आपदा के कारण 04 जनहानि, 20 पशुहानि, 09 भवन पूर्ण क्षति, 368 भवन आंशिक क्षति, 1.691 हेक्टेयर कृषि भूमि क्षति हुई है। इस स्थिति में 43 परिवार प्रभावित हुए हैं। कैबिनेट मंत्री ने प्रभावित परिवारों को दी जा रही अनुग्रह सहायता की भी समीक्षा करते हुए समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि थलीसैंण क्षेत्र आपदा से सबसे अधिक प्रभावित रहा है, इसलिए यहां राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी को निर्देशित किया कि ढूंगरी, रिखोली, डोबरा एवं बगेली क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार प्रभावित परिवारों को सुरक्षित अस्थायी ठिकानों पर ठहराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही भू-गर्भीय सर्वेक्षण कराने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
कैबिनेट मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों को नानघाट और श्रीनगर क्षेत्र की प्रभावित पेयजल योजनाओं को शीघ्र सुधारकर पेयजल आपूर्ति को सामान्य करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, ढूंगरी, चमगांव और मंडेली क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति को भी सुनिश्चित किए जाने की बात कही।
विद्युत विभाग के मामले में उन्होंने निर्देश दिया कि आपदा से प्रभावित विद्युत लाइनों, पोलों एवं ट्रांसफार्मरों की तत्काल मरम्मत की जाए ताकि विद्युत आपूर्ति जल्द से जल्द सुचारु हो सके।
इस बैठक में अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग महिपाल सिंह रावत, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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Team Amrita Bazaar Patrika, निकिता शर्मा
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