उत्तराखंड: डीएम ने स्कूल में बच्चों के साथ किया मिड-डे मील का अनुभव साझा

Apr 9, 2026 - 14:44
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उत्तराखंड: डीएम ने स्कूल में बच्चों के साथ किया मिड-डे मील का अनुभव साझा
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उत्तराखंड: डीएम ने स्कूल में बच्चों के साथ किया मिड-डे मील का अनुभव साझा

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कम शब्दों में कहें तो, पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने school में बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील का आनंद लिया।

डीएम का दौरा: शिक्षा का महत्व और मिड-डे मील

गुरुवार को, जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने पिथौरागढ़ स्थित पीएम श्री सरस्वती देव सिंह राजकीय इंटर कॉलेज का दौरा किया। उनका उद्देश्य स्कूल में मिड-डे मील की गुणवत्ता और बच्चों की रेस्पॉन्स की जमीनी हकीकत को समझना था। ऐसा करना न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासन बच्चों की भलाई के प्रति गंभीर है।

क्लास और किचन का निरीक्षण

डीएम ने पहले क्लासरूम का दौरा किया और बच्चों के साथ बातचीत की। उन्होंने बच्चों से यह जानने की कोशिश की कि मिड-डे मील के अलावा, उनकी अन्य जरूरतें क्या हैं। इसके बाद, उन्होंने किचन की स्थिति का निरीक्षण किया जहां मिड-डे मील की तैयारी की जा रही थी। डीएम ने यह सुनिश्चित किया कि स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों का पालन हो रहा है।

बच्चों के साथ बैठकर भोजन करना

सबसे महत्वपूर्ण पल तब आया जब डीएम ने बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील का अनुभव साझा किया। उन्होंने गर्माहट और सपोर्ट का एहसास दिलाया। बच्चों के साथ भोजन करते हुए उनकी हंसी और खुशी ने स्पष्ट किया कि वे अपने भोजन का आनंद ले रहे थे। यह दर्शन केवल खानपान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।

क्या कहना है डीएम का?

डीएम आशीष भटगांई ने इस दौरान कहा, "मिड-डे मील केवल भोजन का साधन नहीं है, बल्कि यह बच्चों को स्वास्थ्य और शिक्षा का संतुलन देने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब प्रशासन खुद मैदान में आकर देखता है और बच्चों के साथ समय बिताता है, तो इससे एक सकारात्मक संदेश जाता है।" उनके इस बयान ने सभी शिक्षकों और अभिभावकों को प्रेरित किया।

संक्षेप में कहें तो

इस प्रकार के व्यवहार से यह दर्शाता है कि प्रशासन शिक्षा के प्रति कितना गंभीर है। डीएम का यह कदम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उनकी भलाई के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। ऐसे पहलुओं को और बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि शिक्षा का स्तर और अधिक बेहतर हो सके।

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टीम अम Rita Bazaar Patrika, साक्षी शर्मा

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