उत्तराखंड में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए कृषि मंत्री की पहल, 90% तक अनुदान की घोषणा
उत्तराखंड में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए कृषि मंत्री की पहल, 90% तक अनुदान की घोषणा
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने सरकारी आवास पर मधुमक्खी पालन की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण उदाहरण पेश करते हुए शहद निकाला। उनकी इस पहल के माध्यम से सरकार मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 90% तक अनुदान प्रदान करने की घोषणा की है।
गणेश जोशी ने अपने आवास पर स्थापित 30 मधुमक्खी बक्सों से लगभग 60 किलोग्राम शहद निकालकर यह प्रदर्शित किया कि सरकार किस प्रकार से किसानों की मदद कर रही है। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों से शहद उत्पादन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली, जिससे यह मामला तकनीकी दृष्टिकोण से भी प्रभावित हो सके।
मधुमक्खी पालन में वृद्धि
कृषि मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में 9000 से अधिक कृषक वर्तमान में मधुमक्खी पालन व्यवसायिक रूप से कर रहे हैं, जिससे राज्य में लगभग 3300 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हो रहा है। इसके साथ ही, कई छोटे कृषक भी इस व्यवसाय में संलग्न हैं। मुख्य रूप से इन्डिका और मेलिफेरा प्रजातियों से शहद का उत्पादन किया जा रहा है, जो गुणवत्ता में उच्चतम हैं।
मधुग्राम की स्थापना
कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि सरकार ने हर जिले में एक मधुग्राम की स्थापना की है, जिसमें चम्पावत और देहरादून में दो मधुग्राम भी शामिल हैं। मधुमक्खी उत्पादन से कृषक अपनी आय में इजाफा कर सकते हैं, खासकर उन कृषकों के लिए जिनके पास भूमि उपलब्ध नहीं है। यह व्यवसाय आय का एक स्थायी स्रोत साबित हो सकता है।
मधु प्रसंस्करण इकाइयाँ
उत्तराखंड में शहद के प्रसंस्करण के लिए 13 मधु प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित की गई हैं, जिनकी प्रसंस्करण क्षमता 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन से भी अधिक है। राज्य में मौनपालन को बढ़ावा देने के लिए केन्द्रपोषित बागवानी मिशन योजना के तहत 40% अनुदान तथा राज्य सेक्टर की मधुग्राम योजना के अंतर्गत 40% टॉपअप प्रदान किया जा रहा है, जिससे कुल 80% तक का अनुदान प्राप्त किया जा सकता है।
सरकार की नीति और योजना
कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि सरकार ने शहद और सह-मौन उत्पादों के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान दिलाने के लिए 110 करोड़ से अधिक की लागत से मौनपालन नीति को अनुमोदित किया है। इस नीति के अंतर्गत विस्तृत मूल्य श्रृंखला स्थापित करते हुए मौनपालकों और कृषकों को 80% तक अनुदान प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। उत्तराखंड का शहद उच्च गुणवत्ता वाला है और सरकार के प्रयासों से किसानों को बेहतर सुविधाएँ और प्रशिक्षण मिल रहा है।
किसानों की आय में इजाफा
कृषि मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना है। मधुमक्खी पालन से जुड़कर कृषक अधिक लाभ कमा सकते हैं और इसके फलस्वरूप अपनी जीवनशैली में सुधार लाने में सक्षम होंगे।
ये सभी पहलें राज्य के कृषि क्षेत्र को न सिर्फ मजबूती प्रदान करेंगी, बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर करेंगी।
नई योजनाओं और किसानों के उत्थान को लेकर शासन की तरफ से यह एक सकारात्मक कदम है। अधिक जानकारी और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें Amrita Bazaar Patrika.
सादर,
टीम अमृत बाज़ार पत्रिका - प्रियंका शर्मा
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