उत्तराखंड में 13 जनपदों में 13 मार्च तक ‘महिला जनसुनवाई’ कार्यक्रम का आयोजन, महिलाएं पाएंगी न्याय
उत्तराखंड में 13 जनपदों में ‘महिला जनसुनवाई’ कार्यक्रम की घोषणा
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड राज्य महिला आयोग सभी 13 जनपदों में 13 मार्च, 2026 तक ‘महिला जनसुनवाई’ कार्यक्रम का आयोजन करेगा। इसका उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें त्वरित न्याय प्रदान करना है।
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने हाल ही में देहरादून स्थित मीडिया सेंटर, सचिवालय में एक प्रेस वार्ता के दौरान इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार और महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस कार्यक्रम के जरिए महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का एक अवसर मिलेगा।
महिलाओं की समस्याओं का त्वरित समाधान
कुसुम कंडवाल ने प्रेस वार्ता में यह भी बताया कि आयोग द्वारा सोशल मीडिया पर महिलाओं से संबंधित घटनाओं और समस्याओं का स्वतः संज्ञान लेते हुए तुरंत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में सामने आए मामलों में अधिकांश संबंधित पक्ष एक-दूसरे के परिचित रहे हैं। इस संदर्भ में अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों की निगरानी करने की सलाह दी गई।
महिलाओं के लिए सूचना और सहायता
कंडवाल ने आगे महिलाओं से अपील की कि यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या या घटना का सामना करना पड़ता है, तो उन्हें मुफ्त दूरभाष नंबर 112 पर सूचना देनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने गौरा शक्ति ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी, जिससे महिलाएं अपनी समस्याओं को सीधे आयोग से साझा कर सकें। आयोग के दूरभाष नंबर पर संपर्क करने के लिए भी जानकारी दी गई।
महिला जनसुनवाई कार्यक्रम की विशेषताएँ
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में, महिला आयोग द्वारा पारिवारिक विवादों के समाधान और महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी 13 जनपदों में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम 13 मार्च, 2026 तक चलेगा।
संविधान के दायरे में महिलाओं का अधिकार
जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत सोमवार को देहरादून के जिलाधिकारी कार्यालय सभागार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां कुल 25 मामले दर्ज किए गए। इनमें से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया और शेष मामलों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया गया।
इस कार्यक्रम में महिला आयोग की सदस्य विमला नैथानी भी उपस्थित रही थीं, जिन्होंने जनसुनवाई की प्रक्रिया को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक कदम
महिला जनसुनवाई कार्यक्रम के आयोजन से यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं के अधिकारों के प्रति गंभीर है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कार्यक्रम न केवल महिलाओं को अपनी समस्याओं को साझा करने का एक मंच प्रदान करेगा, बल्कि सरकारी तंत्र को भी उनकी समस्याओं का समाधान करने में मदद करेगा।
महिलाएं इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं, और उम्मीद की जा रही है कि यह कार्यक्रम उनके हक की आवाज बनेगा।
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टीम अमरिता बाजार पत्रिका (साक्षी शर्मा)
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