उत्तराखंड में BLO आउटरीच अभियान: 75% मतदाता मैपिंग पूरी, 1 फरवरी से शुरू होगा दूसरा चरण
उत्तराखंड में BLO आउटरीच अभियान का महत्वपूर्ण कदम
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखंड में BLO आउटरीच अभियान के पहले चरण में 75% मतदाताओं की मैपिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। अब, दूसरा चरण 1 फरवरी से प्रारंभ होने जा रहा है, जिसमें खासकर युवा और महिला मतदाताओं पर ध्यान दिया जाएगा।
प्री एसआईआर गतिविधियों का महत्व
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी चुनावों के लिए प्री एसआईआर गतिविधियों को प्रभावी रूप देने के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उत्तराखंड राज्य में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में बीएलओ आउटरीच अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अभियान का लक्ष्य राज्य के हर मतदाता तक पहुँच और संवाद स्थापित करना है।
पहले चरण की सफलता
यह अभियान पहले चरण के अंतर्गत 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग कर चुका है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार, यह कार्य सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में जोर-शोर से किया गया है। निर्वाचन तंत्र ने इस प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि हर मतदाता तक पहुंच बनाई जाए।
दूसरे चरण की रूपरेखा
डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि बीएलओ आउटरीच अभियान का दूसरा चरण 1 फरवरी 2024 से शुरू होने जा रहा है और यह 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस चरण में विशेष ध्यान प्रदेश के युवा और महिला मतदाताओं पर होगा। यह महत्वपूर्ण है कि इस अभियान के माध्यम से वोटिंग के प्रति जागरूकता फैलाई जाए।
2003 की मतदाता सूची की सर्चिंग की सुविधा
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि प्री एसआईआर चरण में, वर्तमान मतदाता सूची को 2003 की मतदाता सूची के साथ मैपिंग किया जा रहा है। इसके लिए, उन्होंने मतदाताओं से निवेदन किया है कि वे अपने बीएलओ का सहयोग करें। वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी की [आधिकारिक वेबसाइट](https://ceo.uk.gov.in) पर उपलब्ध है, जहाँ मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, नाम आदि के आधार पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
राजनीतिक दलों से बीएलए की नियुक्ति की अपील
डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने सभी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की नियुक्ति में तत्परता दिखाएँ। वर्तमान में प्रदेश में 12,070 बीएलए की नियुक्ति हो चुकी है, लेकिन उनका मानना है कि शत-प्रतिशत बीएलए नियुक्ति आवश्यक है।
आगे की चुनौतियाँ और अपेक्षाएँ
इस अभियान के माध्यम से न केवल चुनावी प्रक्रिया को सशक्त किया जा रहा है, बल्कि मतदाताओं को चुनावी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल करने का प्रयास भी हो रहा है। सरकार और चुनाव आयोग का मानना है कि इससे लोकतंत्र की मजबूती में मदद मिलेगी। इस दिशा में जागरूकता और उपलब्धियों की सही जानकारी साझा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आखिरकार, यह सिर्फ एक चुनावी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक सशक्त लोकतंत्र के निर्माण का भी प्रयास है।
संपर्क करें: अधिक जानकारी के लिए हमारे [वेबसाइट](https://amritabazaarpatrika.com) पर जाएं।
सादर, टिम अमृता बाजार पत्रिका, सुमित्रा देवी
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