कांग्रेस की जीत से पालिका चुनाव में बढ़ा मनोबल, जनता ने दिखाया बदलाव का जज्बा
कांग्रेस की जीत से पालिका चुनाव में बढ़ा मनोबल, जनता ने दिखाया बदलाव का जज्बा
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका के चुनाव परिणाम ने कांग्रेस पार्टी के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। जनता ने बदलाव का मन बना लिया है।
किच्छा। उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव से चार महीने पहले कांग्रेस के लिए यह जीत एक मजबूत संकेत है। यूएस नगर जिले की किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका में कांग्रेस के प्रत्यासी राजेश प्रताप सिंह और राशिदा बेगम ने बहुमत प्राप्त कर भाजपा को बड़ा झटका दिया है। इस चुनाव पर पूरे प्रदेश की नजरें केंद्रित थीं, क्योंकि भाजपा और कांग्रेस के बीच हाईवोल्टेज राजनीतिक प्रतिस्पर्धा चल रही थी।
कांग्रेस के उम्मीदवार राजेश प्रताप सिंह को कुल 19,508 वोट मिले, जबकि भाजपा के संदीप अरोड़ा को महज 13,431 वोट मिले। निर्दलीय प्रत्याशी अब्दुल रशीद इस दौड़ में कुछ खास प्रभाव नहीं डाल सके। किच्छा में कुल 36,534 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया।
सिरौलीकलां में एक और जीत
सिरौलीकलां नगर पालिका में कांग्रेस प्रत्याशी राशिदा बेगम ने निर्दलीय प्रत्याशी फरहीन जहां को 1,773 वोटों के अंतर से हराकर विजय प्राप्त की। इस सीट पर भाजपा ने अपना उम्मीदवार नहीं खड़ा किया था, जिसका लाभ कांग्रेस को मिला।
सुरक्षा के घेरे में मतगणना
नगर पालिका चुनाव के दौरान कानूनी अड़चनों के कारण सुप्रीम कोर्ट ने 7 अक्टूबर को मतगणना के लिए निर्देश जारी किए थे। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पर्याप्त प्रबंध किए थे। विधायक तिलकराज बेहड़ और पूर्व भाजपा विधायक राजेश शुक्ला के बीच वर्चस्व की कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।
2017 में हरीश रावत को हराने वाले भाजपा नेता राजेश शुक्ला की यह व्यक्तिगत हार मानी जा रही है, जबकि कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ के कुशल प्रबंधन को इस जीत का श्रेय दिया जा रहा है। भाजपा ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंकी थी, फिर भी परिणाम उनके पक्ष में नहीं आया।
नई ऊर्जा का संचार
इस चुनाव के परिणाम ने कांग्रेस को ना केवल तराई क्षेत्र, बल्कि समूचे प्रदेश में नई ऊर्जा प्रदान की है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और विधायक तिलकराज बेहड़ ने मतदाताओं का आभार जताते हुए इसे विधानसभा चुनाव में बदलाव की धारा का संकेत बताया।
बता दें कि भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी राम माधव भी देहरादून में उपस्थित हैं। भाजपा के इस निराशाजनक प्रदर्शन ने पार्टी के भीतर नई बहस को जन्म दिया है।
फिलहाल, कांग्रेस के इस चुनावी अनुभव से साफ है कि जनता ने बदलाव का मन बनाया है और आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए यह नतीजे महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
इसके अलावा, इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए हमें क्लिक करें।
Team Amrita Bazaar Patrika
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0