कांग्रेस के सीएम आवास घेराव से पहले भाजपा की नई रणनीति
कांग्रेस के सीएम आवास घेराव से पहले भाजपा की नई रणनीति
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कम शब्दों में कहें तो, कांग्रेस के प्रदर्शन से ठीक पहले भाजपा ने एक महत्वपूर्ण दांव चला है, जिससे उत्तराखंड की राजनीतिक स्थिति में हलचल मच गई है।
नई दिल्ली। हाल ही में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (NCSK) में नई नियुक्तियों पर मुहर लगाई है, जिसमें भगवत प्रसाद मकवाना को अध्यक्ष और केशब बिहारी को उपाध्यक्ष बनाया गया है। ये नियुक्तियाँ 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेंगी। उल्लेखनीय है कि यह नियुक्ति कांग्रेस के 7 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन से पहले की गई है, जो सीएम आवास के घेराव के लिए निर्धारित है।
भाजपा का डैमेज कंट्रोल
कांग्रेस की इस योजना के खिलाफ भाजपा ने उत्तराखंड के मकवाना को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की बागडोर सौंपकर एक तगड़ा कदम उठाया है। यह कदम उनके लिए एक डैमेज कंट्रोल की तरह काम कर सकता है, खासकर जब सत्तारूढ़ पार्टी के कुछ नेताओं पर बीते दिनों में विवाद हुआ है।
कांग्रेस ने एससी एक्ट के तहत राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे के कारण अपने हमलावर तेवर को और तेज कर दिया है। जिसके जवाब में भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पर भी कर्नाटक में मुकदमा दर्ज कराया है। ऐसे समय में जब दोनों पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला जारी है, भाजपा का यह कदम खास तौर पर महत्वपूर्ण है।
भविष्य के संकेत
इस स्थिति में कई संभावनाएँ हैं। आगामी प्रदर्शन के बाद उत्तराखंड की राजनीति में नई करवट लेने की संभवना जताई जा रही है। यह देखा जाना बाकी है कि विपक्ष इस मौके का किस प्रकार उपयोग करता है और भारतीय जनता पार्टी अपने नये कदमों से किस हद तक लाभ प्राप्त कर पाती है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में इस समय राजनीतिक हलचल तेजी से बढ़ रही है और सभी पार्टीयों की निगाहें आगामी प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।
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साभार,
टीम अमृत बाजार पत्रिका
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