कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 भूमि के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार दिए

Oct 4, 2026 - 21:44
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कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 भूमि के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार दिए
कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 भूमि के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार दिए

कैबिनेट ने वर्ग-3 और वर्ग-4 भूमि के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार दिए

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वर्ग-3 और वर्ग-4 भूमि के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इससे कई पट्टेदारों को आलीशान भूस्वामित्व मिलने की उम्मीद है।

कैबिनेट की बैठक एनएचपीसी बनबसा, चम्पावत में आयोजित की गई, जहाँ राज्य की विकास योजनाओं और विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। विभिन्न पहलुओं का जिक्र करते हुए, मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय नागरिकों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर है।

कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय

बैठक में लिए गए फैसलों में शामिल हैं:

  1. मंत्रिमंडल ने वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों के तकनीकी परीक्षण के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) का गठन किया और इस हेतु 06 पदों की स्वीकृति दी।
  2. वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
  3. उत्तराखण्ड सीड्स एवं तराई डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड को पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए ₹66.29 करोड़ की अवशेष धनराशि स्वीकृत की गई।
  4. भ्रष्टाचार रोकने हेतु स्टाम्प एवं निबंधन विभाग में PAN सत्यापन की व्यवस्था लागू रखने का निर्णय।
  5. राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई, जिसके अनुसार राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत तय की गई है।

बाकि महत्वपूर्ण घोषणाएँ

मुख्यमंत्री धामी ने निचले समूहों के विकास के लिए कई अन्य घोषणाएँ भी की हैं, जिनमें:

  • शामिल है कि बनबसा और टनकपुर के क्षेत्र के धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और विकास किया जाएगा।
  • प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के अंतर्गत स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
  • बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर जीवन जीने की सुविधा मिलेगी।

आगे की कार्रवाई

उपरोक्त निर्णयों का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों विकास की मुख्यधारा में लाना है। स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उनकी जीवनशैली में सुधार लाना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ने वाली है और सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित किया जाएगा। यह पॉलिसी न केवल आर्थिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक समावेश और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के लिए भी महत्वपूर्ण है।

इस प्रकार, कैबिनेट की यह बैठक उत्तराखंड के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह निर्णय न केवल भूमि पट्टेदारों के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि इससे क्षेत्र के समग्र विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी।

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Team Amrita Bazaar Patrika - नीता शर्मा

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