कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दिखाकर भेजा पहला दल
कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरी झंडी दिखाकर भेजा पहला दल
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की पावन कैलाश मानसरोवर यात्रा का आगाज़ रविवार को टनकपुर से हुआ, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उत्तराखंड से संचालित यह कैलाश मानसरोवर यात्रा, जो धार्मिक भावना के साथ-साथ सांस्कृतिक एकता को भी स्थिर करती है, रविवार को टनकपुर में शारदा पर्यटक आवास गृह के परिसर से शुरू हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर सभी श्रद्धालुओं के लिए मंगलमय और सफल यात्रा की कामना की।
मुख्यमंत्री का स्वागत एवं श्रद्धालुओं से संवाद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य से स्वागत किया गया, साथ ही पुलिस द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का रुद्राक्ष की माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर आत्मीयता से स्वागत किया और संवाद स्थापित किया।
कैलाश मानसरोवर यात्रा का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा, “कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है बल्कि यह आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। इस यात्रा का लाभ पाने का अवसर भक्तों को भगवान भोलेनाथ की कृपा से ही प्राप्त होता है।”
उन्होंने आगे कहा कि यात्रा के दौरान आने वाली प्रत्येक चुनौती का सामना हमें विश्वास और धैर्य के साथ करना चाहिए, क्योंकि भगवान शिव में अटूट विश्वास सारी कठिनाइयों को सरल बना सकता है।
स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए यह यात्रा
मुख्यमंत्री ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा सीमांत क्षेत्रों के विकास और समृद्धि का भी माध्यम है। यह यात्रा सीमांत गांवों की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय जीवन से देश के लोगों को जोड़ती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से स्थानीय हस्तशिल्प और उत्पादों की खरीद करने का आग्रह भी किया, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जा सके।
सनातन संस्कृति का संरक्षण
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राचीन मंदिरों का पुनरुद्धार होकर भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने राज्य सरकार द्वारा की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की भी सराहना की। सातवीं बार कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे श्रद्धालु अनिल कुमार जैन सहित कई अन्य यात्रियों ने सरकार के प्रयासों का आभार व्यक्त किया, जिनकी वजह से यात्रा की सुरक्षा और सुविधा बेहतर हुई है।
गौरवमयी सांस्कृतिक संध्या
शनिवार की शाम टनकपुर पहुंचे पहले दल का देवभूमि के अनुसार छोलिया नृत्य, पुष्पवर्षा और भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के लिए सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया, जिसमें उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की प्रस्तुतियां दी गईं।
प्रथम दल के सदस्यों की जानकारी
शारदा पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि इस पहले दल में 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 15 महिला श्रद्धालु हैं। दल में आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के श्रद्धालु शामिल हैं।
दल के साथ तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार और राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल शामिल हैं, जो इस दल के सबसे वरिष्ठ तीर्थयात्री हैं। वहीं, गुजरात के 21 वर्षीय श्री हरिकृष्णा इस दल के सबसे युवा श्रद्धालु हैं। यह यात्रा सभी आयु वर्ग के लोगों की आस्था का अद्भुत नमूना प्रस्तुत करती है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से किया जा रहा है। इससे सीमांत जनपद चम्पावत को धार्मिक पर्यटन में नई पहचान मिली है और स्थानीय व्यापार, पर्यटन, परिवहन, होटल व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है।
आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण
प्रथम दल के प्रस्थान के साथ ही टनकपुर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो गया। देवभूमि उत्तराखंड ने अपनी समृद्ध संस्कृति और अतिथि सत्कार का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।
यात्रियों की सफल यात्रा के लिए हम भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना करते हैं। सभी को शुभकामनाएं।
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सादर, टीम अमृता बाजार पत्रिका
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