कोडिंग शिक्षा में एक नई क्रांति: Efiwe स्टार्टअप ने किया वैश्विक चयन

Oct 16, 2026 - 21:44
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कोडिंग शिक्षा में एक नई क्रांति: Efiwe स्टार्टअप ने किया वैश्विक चयन
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कोडिंग शिक्षा में एक नई क्रांति: Efiwe स्टार्टअप ने किया वैश्विक चयन

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड का Efiwe स्टार्टअप कोडिंग शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा दे रहा है और उसे TechCrunch के प्रतिष्ठित Startup Battlefield 200 में चयन किया गया है।

देहरादून - उत्तराखंड के युवा उद्यमी अभिनव नेगी और नाइजीरिया के चिडी नवाओगू की अनोखी पहल ने वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन किया है। उनकी शैक्षिक प्रौद्योगिकी कंपनी Efiwe दुनियाभर के 200 प्रतिभाशाली स्टार्टअप्स में शामिल हुई है, जिन्हें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में आयोजित TechCrunch Disrupt 2026 में अपनी तकनीक प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

TechCrunch Disrupt 2026 में प्रदर्शन

यह कार्यक्रम 13 से 15 अक्टूबर तक आयोजित हुआ, जिसमें Efiwe ने निवेशकों और संभावित साझेदारों के सामने अपने अनूठे मॉडल का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। कंपनी का प्रतिनिधित्व रणनीतिक सलाहकार मुद्दित त्यागी और Efiwe के तीन युवा एंबेसडर - अविनाश, पूजा और विशाल ने किया। मुद्दित त्यागी ने दो मिनट की प्रभावशाली पिच दी, जो सभी का ध्यान खींचने में सफल रही।

शिक्षा में बाधाओं को तोड़ने का नया आइडिया

Efiwe की सोच शिक्षा की सबसे बड़ी बाधा को समाप्त करने पर केंद्रित है - महंगे कंप्यूटर और लैपटॉप। भारत में जहां कई स्कूलों में कंप्यूटर लैब की अनुपलब्धता है, वहीं स्मार्टफोन लगभग हर घर में उपलब्ध हैं। Efiwe इस चुनौती को अवसर में बदलने का प्रयास कर रहा है।

इस प्लेटफार्म पर छात्र अपने स्मार्टफोन का उपयोग करके वास्तविक कोड लिख सकते हैं, प्रोग्रामिंग की विभिन्न चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। Efiwe की तकनीक अन्य स्टार्टअप्स से अलग है क्योंकि यह बिना इंटरनेट के भी कार्य कर सकती है।

समूह शिक्षण की सुविधा

एक ही डिवाइस पर 20 छात्रों की विभिन्न प्रोफाइल बनाई जा सकती हैं, जिससे साझा मोबाइल पर भी पढ़ाई संभव हो पाती है। यह मॉडल निजी और सरकारी स्कूलों दोनों के लिए लागू है। जिन स्कूलों में कंप्यूटर लैब हैं, वहां इसे कक्षा के बाहर निरंतर अभ्यास का साधन बनाता है।

कौशल विकास और मूल्यांकन का अनूठा मॉडल

Efiwe का मूल्यांकन मॉडल इसे विशेष बनाता है। यहां केवल कोर्स पूरा करना काफी नहीं है। छात्रों को एक कैपस्टोन प्रोजेक्ट बनाना होता है और बाहरी स्रोतों से कोड कॉपी करने पर कड़ी पाबंदी है। सफल मूल्यांकन के बाद ही QR कोड के माध्यम से प्रमाणपत्र दिया जाता है।

अब तक Efiwe ने दुनिया भर के 22 हजार छात्रों के साथ जुड़कर Mastercard Foundation EdTech Fellowship, Google for Startups Immersion EMEA जैसी वैश्विक पहलों में अपनी पहचान बना ली है।

भविष्य की दिशा

सह-संस्थापक और CEO अभिनव नेगी कहते हैं, "डिजिटल समावेशन का मतलब केवल तकनीकी पहुंच प्रदान करना नहीं है, बल्कि बच्चों की क्षमता को विकसित करने का अवसर भी देना है। हमारी कोशिश है कि हर बच्चे को अपने भविष्य को संवारने का मौका मिले, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि का हो।"

Efiwe अब उत्तराखंड के अलावा अन्य हिमालयी राज्यों, उत्तर प्रदेश और बिहार के निजी स्कूलों, सरकारी शिक्षा विभागों और NGO के साथ साझेदारी बढ़ाने की योजना बना रहा है।

अधिक जानकारी के लिए, हमारी वेबसाइट पर जाएं: Amrita Bazaar Patrika.

साभार, टीम अमृता बाजार पत्रिका - अपर्णा चतुर्वेदी

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