चोरगलिया इंटर कॉलेज में भाषा समर कैंप की शुरुआत, छात्राओं ने साइन लैंग्वेज सीखी

May 28, 2026 - 00:44
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चोरगलिया इंटर कॉलेज में भाषा समर कैंप की शुरुआत, छात्राओं ने साइन लैंग्वेज सीखी
चोरगलिया इंटर कॉलेज में भाषा समर कैंप की शुरुआत, छात्राओं ने साइन लैंग्वेज सीखी

चोरगलिया इंटर कॉलेज में भाषा समर कैंप का शुभारम्भ

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कम शब्दों में कहें तो, चोरगलिया इंटर कॉलेज में छात्राओं के लिए एक विशेष भाषा समर कैंप की शुरुआत की गई है, जहां उन्होंने साइन लैंग्वेज सीखी। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समावेशिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

गर्मी की छुट्टियों में नई शिक्षा का अनुभव

हल्द्वानी स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चोरगलिया में ग्रीष्मकालीन अवकाश के पहले दिन एक महत्वपूर्ण भारतीय भाषा समर कैंप का विधिवत शुभारम्भ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानाचार्या श्रीमती तनुजा जोशी ने दीप जलाकर किया।

समर कैंप का उद्देश्य और प्रमुखता

प्रधानाचार्या ने छात्राओं को समर कैंप के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि यह न केवल भाषाई ज्ञान को बढ़ावा देने का एक प्रयास है, बल्कि साइन लैंग्वेज जैसे महत्वपूर्ण कौशल को भी सीखने का अवसर प्रदान करता है। इस तरह का प्रशिक्षण छात्राओं को विशेष रूप से उन व्यक्तियों के साथ संवाद करने की क्षमता प्रदान करता है जो सुनने में असमर्थ हैं।

साइन लैंग्वेज का महत्व

साइन लैंग्वेज एक विशेष भाषा है जो सुनने में असमर्थ व्यक्तियों के साथ संवाद करने हेतु उपयोग होती है। इसे सीखने से छात्राओं में सहानुभूति, सामाजिक जागरूकता और संवाद कौशल में बढ़ोतरी होती है।

इस समर कैंप में छात्राओं को दिनभर विभिन्न गतिविधियों और कार्यशालाओं के माध्यम से साइन लैंग्वेज के मूलभूत शब्दावली और वाक्यांशों का अभ्यास कराया जाएगा।

समाज की दिशा में एक कदम

प्रतिभागियों ने इस पहल के प्रति अपनी जागरूकता और तत्परता दिखाई है। समर कैंप में शामिल होने वाली छात्राओं ने इसे एक महत्वपूर्ण अवसर माना है, जिससे वे आने वाले समय में अधिक समावेशिता के साथ समाज में योगदान कर सकेंगी।

निष्कर्ष

इस वर्ष की गर्मियों में आयोजित यह भाषा समर कैंप निश्चित रूप से छात्राओं के लिए एक नया और सकारात्मक अनुभव प्रदान करने वाला है। यह न केवल उनकी शैक्षिक यात्रा में योगदान देगा, बल्कि उन्हें समाज में एक समर्पित और संवेदनशील नागरिक बनाने की दिशा में भी मदद करेगा।

इस उत्तम पहल के माध्यम से, विद्यालय प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि वे शिक्षा के साथ-साथ समाज में समावेशिता को भी प्राथमिकता देते हैं।

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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका, प्रियंका शर्मा

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