ज्योलीकोट पेयजल संकट: छह अधिकारियों का निलंबन, शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
ज्योलीकोट पेयजल संकट: छह अधिकारियों का निलंबन, शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
जनता के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं - मुख्यमंत्री
अविकल उत्तराखंड/विपनेश, नैनीताल/देहरादून। ज्योलीकोट और इसके आस-पास के क्षेत्रों में दूषित पेयजल के कारण जलजनित बीमारियों का बढ़ता मामला सरकार के लिए एक गंभीर चेतावनी बन चुका है। इसी कारण शासन ने कठोर कदम उठाते हुए जल संस्थान और पेयजल निगम के छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम जनस्वास्थ्य से संबंधित मामलों में लापरवाही के आरोपों के चलते उठाया गया है।
ज्योलीकोट क्षेत्र में ग्रामीणों द्वारा दूषित पेयजल की शिकायतें जून महीने से आ रही थीं। इस दौरान, एक छात्र और एक विवाहिता की जान गई, जबकि कई अन्य ग्रामीण डायेरिया, पीलिया और अन्य जलजनित बीमारियों से प्रभावित हुए। ऐसे में जल संस्थान और पेयजल निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
जांच समिति की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
जिले के अधिकारी ललित मोहन रयाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच समिति बनाई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडे ने की। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। साथ ही, उच्च न्यायालय ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव को प्रकरण की निगरानी के निर्देश दिए। अदालत में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने का भी आश्वासन दिया गया। इसके बाद शासन ने जांच रिपोर्ट और प्रकरण से जुड़े तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की।
निलंबित अधिकारियों का विवरण
निलंबित अधिकारियों में जल संस्थान के प्रमुख अधीक्षण अभियंता, सहायक अभियंता और अपर सहायक अभियंता शामिल हैं। वहीं, पेयजल निगम के भी तीन अधिकारी निलंबित किए गए हैं। उजागर हुए मामलों ने विभागों में हड़कंप मचा दिया है।
जल संस्थान के तीन अधिकारी निलंबित
जल संस्थान द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता विशाल कुमार, नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता मोहन सिंह रावत और अपर सहायक अभियंता रवींद्र को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान विशाल कुमार को हल्द्वानी जल संस्थान में और मोहन सिंह रावत तथा रवींद्र को अधीक्षण अभियंता कार्यालय हल्द्वानी से संबद्ध किया गया है।
पेयजल निगम के तीन अधिकारियों पर भी निलंबन
उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम ने भी अपनी कार्रवाई की है। निर्माण शाखा भीमताल के प्रभारी अधिशासी अभियंता शशिपाल सिंह, प्रभारी सहायक अभियंता संजय कुमार आर्या, और कनिष्ठ अभियंता दीपांशु शर्मा को निलंबित किया है। निलंबित सभी अधिकारियों को संबंधित उच्च अधिकारियों के कार्यालयों से भी संबद्ध किया गया है।
नंदकिशोर को हल्द्वानी का अतिरिक्त दायित्व
यह कार्रवाई न केवल निलंबन तक सीमित है, बल्कि जल संस्थान ने हल्द्वानी में नई व्यवस्थाएं भी की हैं। लालकुआं जल संस्थान के अधिशासी अभियंता नंदकिशोर को अगली आदेशों तक हल्द्वानी के अधीक्षण अभियंता का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।
एक साथ छह अधिकारियों के निलंबन से प्रशासन में खलबली
ज्योलीकोट प्रकरण में एक साथ छह अधिकारियों के निलंबन ने जल संस्थान और पेयजल निगम में हड़कंप मचा दिया है। जनस्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में शासन की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब विभागीय स्तर पर पेयजल व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
कम शब्दों में कहें तो, ज्योलीकोट क्षेत्र में दूषित पेयजल के कारण जनस्वास्थ्य संकट को देखते हुए छह अधिकारियों का निलंबन शासन की ओर से एक सख्त कदम है। शासन ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।
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सादर, टीम अमृता बाजार पत्रिका (संगीता)
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