टिहरी गढ़वाल में जिला बार एसोसिएशन की बैठक: अधिवक्ताओं ने मांगी मूलभूत सुविधाएं

May 26, 2026 - 00:44
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टिहरी गढ़वाल में जिला बार एसोसिएशन की बैठक: अधिवक्ताओं ने मांगी मूलभूत सुविधाएं
टिहरी गढ़वाल में जिला बार एसोसिएशन की बैठक: अधिवक्ताओं ने मांगी मूलभूत सुविधाएं

टिहरी गढ़वाल में जिला बार एसोसिएशन की बैठक: अधिवक्ताओं ने मांगी मूलभूत सुविधाएं

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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल में आयोजित जिला बार एसोसिएशन की बैठक में अधिवक्ताओं ने आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की मांगें उठाईं।

टिहरी गढ़वाल। जिले के बार एसोसिएशन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया जिसमें उत्तराखंड हाईकोर्ट के माननीय प्रशासनिक न्यायमूर्ति आलोक माहरा ने गरिमामय उपस्थिति दर्ज की। इस बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जयवीर सिंह रावत द्वारा की गई।

बैठक का उद्देश्य और मुद्दे

बैठक के दौरान अधिवक्ताओं एवं वादकारियों के हितों से जुड़ी समस्याएं जैसे कि दिव्यांग वादकारियों के लिए न्यायालय परिसर में रैंप निर्माण, कोर्ट परिसर में एटीएम की स्थापना, और बार एसोसिएशन हॉल के लिए भूमि आवंटन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, रजिस्ट्रार कार्यालय को डीएलएसए भवन में स्थानांतरित किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

न्यायमूर्ति आलोक माहरा का आश्वासन

माननीय न्यायमूर्ति आलोक माहरा ने अधिवक्ताओं की सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और मांगों के समाधान के लिए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने न्यायिक व्यवस्था में अधिवक्ताओं और वादकारियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने का वादा किया। यह बैठक राजनैतिक नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के अपने अधिकारों और सुविधाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।

बैठक का संचालन

बैठक का संचालन महासचिव चंद्रभान सिंह राणा ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष दिनेश उनियाल, सहसचिव कविता भट्ट, और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। इन अधिवक्ताओं में प्रेम सिंह बनगाए, हरपाल सिंह रौतेला, राजेंद्र सिंह डोटियाल, बीना राणा, वीरेन्द्र रावत, और अन्य शामिल थे।

क्यों है यह बैठक महत्वपूर्ण?

यह बैठक केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह अधिवक्ताओं की एकजुटता और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए उठाई गई आवाज़ का प्रतीक है। न्यायालय में वादकारियों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित करने से न केवल उन लोगों का लाभ होगा, जो वर्तमान में कानून का सहारा ले रहे हैं, बल्कि यह समग्र न्यायिक प्रणाली को भी सशक्त बनाएगा।

कुल मिलाकर, यह बैठक एक सकारात्मक दिशा में एक कदम है, जहाँ अधिवक्ताओं ने अपने अधिकारों और सुविधाओं के लिए एकजुट होकर आवाज उठाई। इसके परिणामस्वरूप, भविष्य में न्यायालय में अधिक सुलभता और सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन मांगों पर न्यायालय और संबंधित प्रशासन कैसे सकारात्मक कदम उठाते हैं।

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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
स्नेहा शर्मा

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