देवीधुरा बग्वाल मेला प्रारंभ, मंत्री राम सिंह कैड़ा ने किया उद्घाटन - एक धार्मिक उत्सव
देवीधुरा बग्वाल मेला प्रारंभ, मंत्री राम सिंह कैड़ा ने किया उद्घाटन
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कम शब्दों में कहें तो, चम्पावत में देवीधुरा बग्वाल मेला का शुभारंभ हो गया है, जहां पौराणिक परंपरा के साथ लोक आस्था का संगम देखने को मिला।
चम्पावत, 23 अगस्त 2026: उत्तराखंड के देवीधुरा में पौराणिक महत्व और संस्कृति से भरपूर बग्वाल मेला विधिवत रूप से शुरू हो गया है। इस मेले का उद्घाटन करने के लिए मुख्यमंत्री श्री राम सिंह कैड़ा ने विशेष रूप से शामिल होकर इसे रंगीन बनाया। यह मेला धार्मिक आस्था तथा सांस्कृतिक परंपरा की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करेगा।
मेला की विशेषताएँ
देवीधुरा का बग्वाल मेला 28 अगस्त को ऐतिहासिक बग्वाल का आयोजन करेगा, जो चार सितंबर तक चलेगा। इस 13 दिवसीय मेले में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक अनुष्ठान और स्थानीय हस्तशिल्प का प्रदर्शन किया जाएगा। यहां आने वाले श्रद्धालु ठंडी रातों में देवीधुरा धाम की व्रहस्त्री पूजा का अनुभव कर पाएंगे।
बग्वाल मेले का आयोजन उत्तराखंड सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय संस्कृति को भी संरक्षित करना है। संस्कृतिप्रेमी और पर्यटकों के लिए यह मेला आनंद और आध्यात्मिकता का महत्वपूर्ण स्थल है।
परंपराओं का सम्मान
देवीधुरा बग्वाल मेला, जो कि स्थानीय लोगों की परंपराओं का एक महत्वपूर्ण अंग है, समाज में एकजुटता का संदेश देता है। मंत्री राम सिंह कैड़ा ने उद्घाटन के अवसर पर इस बात पर जोर दिया कि मेले में लोगों की भागीदारी से हमारी सांस्कृतिक धरोहर और भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा, “यह मेला हमारी परंपराओं को सम्मान देने और लोगों को एकजुट करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।”
साथ ही, मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस तरह के मेले और आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए सदैव प्रयासरत रहेगी। जिससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि संस्कृति और धरोहर का संरक्षण भी होगा।
कैसे पहुंचे देवीधुरा?
देवीधुरा पहुंचना बहुत आसान है। चम्पावत से देवीधुरा की दूरी लगभग 30 किलोमीटर है, यहाँ तक पहुंचने के लिए स्थानीय परिवहन साधनों का सहारा लिया जा सकता है। बग्वाल मेला देखने के लिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आवास की भी समुचित व्यवस्था की गई है।
आपको बता दें कि देवीधुरा का यह बग्वाल मेला हर साल धूमधाम से मनाया जाता है, और इसमें भाग लेने के लिए दुनिया भर से लोग आते हैं। यह मेला न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि यह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का भी संरक्षण करता है।
निष्कर्ष
इस प्रकार, देवीधुरा बग्वाल मेला हमारे देश की संस्कृति और परंपराओं का एक अनुपम उदाहरण है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि एक सामाजिक सामंजस्य का भी। हम सभी को इस तरह के आयोजनों में भाग लेने और अपनी संस्कृति को जीवित रखने का प्रयास करना चाहिए। हम आशा करते हैं कि इस वर्ष का बग्वाल मेला सभी के लिए एक महत्वपूर्ण और यादगार अनुभव होगा।
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टीम अमृता बाजार पत्रिका
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