देहरादून: त्योहारों से पहले मिलावटखोरों पर हुई नकेल, ऋषिकेश में हुई सघन छापेमारी
देहरादून: त्योहारों के चलते मिलावटखोरों पर नकेल, ऋषिकेश में सचल लैब द्वारा छापेमारी
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा विभाग ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर मिलावटखोरों के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई की है। इस संबंध में आज ऋषिकेश और देहरादून में सघन निरीक्षण और छापेमारी की गई, जिसमें कई संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए गए। अधिक अपडेट के लिए यहां क्लिक करें.
देहरादून/ऋषिकेश। उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा विभाग त्योहारों के मौसम को लेकर सक्रिय हो गया है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, सचिन कुर्वे के सख्त निर्देशों के तहत विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। इस सिलसिले में, आज जनपद देहरादून की खाद्य सुरक्षा टीम ने ऋषिकेश और देहरादून में व्यापक निरीक्षण और छापेमारी का कार्य किया।
ऋषिकेश में मिलावट का पर्दाफाश
नगर निगम ऋषिकेश के मुख्य बाजार में खाद्य सचल विश्लेषणशाला (Mobile Lab) के माध्यम से दूध, घी, मसाले और मिठाइयों की नि:शुल्क जांच की गई। इस दौरान व्यापारी और आम जनता के बीच कुल 64 खाद्य पदार्थों के सैंपल मौके पर ही टेस्ट किए गए।
जांच के परिणामों ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया:
- 02 सैंपल: दूध में मिल्क फैट की कमी पाई गई।
- 01 सैंपल: मावा में अतिरिक्त शुगर की मिलावट मिली।
- 03 सैंपल: मिठाइयों में स्टार्च का उपयोग पाया गया।
इस कार्रवाई के दौरान नगर आयुक्त जी.आर. विलवाल और व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष कोहली भी मौजूद रहे। टीम का नेतृत्व नोडल अधिकारी वीरेंद्र बिष्ट और सहायक आयुक्त मनीष सयाना ने किया।
देहरादून में निरीक्षण और नमूनों की जांच
वहीं, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह ने देहरादून के देहराखास और पटेल नगर क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। संदेह के आधार पर, टीम ने खुला मावा, खुला दूध, तेल और बेसन के चार नमूने सील किए हैं, जिन्हें विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य विश्लेषणशाला भेजा गया है।
भविष्य के प्रयास
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा ताकि आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और शुद्ध खाद्य पदार्थ मिल सकें। विभाग का उद्देश्य खाने में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही करना है, विशेषकर त्योहारों के दौरान, जब खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है।
इस प्रकार की छापेमारी और जांचें न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति सरोकार रखती हैं, बल्कि नागरिकों को यह एहसास भी दिलाती हैं कि प्रशासन सुरक्षित खाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस व्यापक अभियान से यह स्पष्ट हो गया है कि उत्तराखंड का खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ मुहैया कराने के लिए तत्पर है।
टीम अमृता बाजार पत्रिका
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