धामी सरकार की बड़ी कार्रवाई: बिना मान्यता संचालित मदरसों पर छापे, 20 मदरसे बंद

Sep 5, 2026 - 21:44
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धामी सरकार की बड़ी कार्रवाई: बिना मान्यता संचालित मदरसों पर छापे, 20 मदरसे बंद

धामी सरकार की बड़ी कार्रवाई: बिना मान्यता संचालित मदरसों पर छापे, 20 मदरसे बंद

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की धामी सरकार बिना मान्यता के संचालित मदरसों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। अब तक 20 मदरसों को बंद कराया जा चुका है।

प्रदेश में बिना मान्यता वाले मदरसों का लगातार हो रहा है संचालन बंद

देहरादून। राज्य में शिक्षा के मानक और मान्यताओं का पालन ना करने वाले मदरसों के खिलाफ कठोर कदम उठाया गया है। इस क्रम में, देहरादून और हल्द्वानी में बिना मान्यता संचालित मदरसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते के अनुसार, हाल ही में देहरादून में कुछ मदरसों को सील किया गया है।

सील की गई मदरसों की जानकारी

डॉ. धकाते ने बताया कि देहरादून में कुल तीन मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया को सील किया गया, वहीं अन्य दो मदरसों, दार-ए-अरकम और दारूल उलूम रहीमिया के प्रबंधकों ने स्वयं मदरसों का संचालन बंद करने की लिखित सूचना दी है।

अब तक, प्रदेश में कुल 17 मदरसों को सील किया जा चुका है और 3 प्रबंधकों ने अपने मदरसों के संचालन को बंद करने की जानकारी दी है। इस प्रकार, कुल 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों को बंद कराया गया है।

हल्द्वानी में की गई कार्रवाई की विस्तार से जानकारी

नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में भी कार्रवाई की गई है। शनि बाजार रोड पर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकाते आमिना तथा इंदिरा नगर, बनभूलपुरा में संचालित एक और बिना मान्यता प्राप्त मदरसा को सील किया गया। यहां के नगर मजिस्ट्रेट ए.बी. वाजपेयी ने कहा कि संबंधित मदरसा प्रबंधकों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था, जिनकी अनुपलब्धता के कारण ये मदरसे सील किए गए।

मुख्यमंत्री के निर्देश: शिक्षा के मानकों का रखेंगे ख्याल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी शिक्षण संस्थान का संचालन बिना उचित मान्यता के नहीं होने दिया जाएगा। राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है जो अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बच्चों के भविष्य और उनकी शिक्षा के स्तर से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रहेगी और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

राज्य सरकार की यह कार्रवाई, शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें ना केवल शैक्षणिक मानकों का पालन किया जाएगा बल्कि सभी संस्थानों की मान्यता सुनिश्चित की जाएगी।

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टीम अमृता बाजार पत्रिका

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