मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों का 12 सूत्रीय मांगों के लिए धरना: देहरादून में महा रैली की चेतावनी
मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों का 12 सूत्रीय मांगों के लिए धरना: देहरादून में महा रैली की चेतावनी
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन द्वारा 12 सूत्रीय मांगों को लेकर मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने 25 सितंबर को नई टिहरी में एक दिवसीय धरना दिया।
टिहरी गढ़वाल, 25 सितंबर। उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विसेज एसोसिएशन, उत्तराखंड के आह्वान पर मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने अपने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को जिला मुख्यालय नई टिहरी में एक दिवसीय धरना दिया। इस धरने का मुख्य उद्देश्य सरकार से शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की मांग करना था। यह आंदोलन अपनी मांगों के समर्थन में आगामी 5 अक्टूबर को देहरादून में एक महा रैली की चेतावनी के साथ किया गया है।
धरने की तैयारी की रणनीति
धरने से पहले, कर्मचारियों ने अपने-अपने विभागों के बाहर गेट मीटिंग आयोजित की और अपनी समस्याओं के समर्थन में जोरदार आवाज उठाई। इसके बाद, वे जिला मुख्यालय पहुंचे और धरना शुरू किया। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है।
मिनिस्ट्रीयल संवर्ग की भूमिका
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष पूरन सिंह राणा और उपाध्यक्ष राजीव नेगी ने कहा कि मिनिस्ट्रीयल संवर्ग शासन-प्रशासन की रीढ़ है। कर्मचारियों ने निष्ठा और ईमानदारी के साथ शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने तथा विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके बावजूद, उनकी 12 सूत्रीय मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई न होने के कारण कर्मचारियों में रोष उत्पन्न हो गया है।
सरकार से अपेक्षाएँ
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार से पूरी उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और 5 अक्टूबर को प्रदेश स्तर पर महा रैली आयोजित की जाएगी।
धरने में भाग लेने वाले कर्मचारी
इस धरने में शामिल रहे प्रमुख नेताओं और कर्मचारियों में पूर्ण सिंह राणा (जिलाध्यक्ष), अजयपाल सिंह नेगी (जिला सचिव), राजीव सिंह नेगी (वरिष्ठ उपाध्यक्ष) और राजेश चौहान (संगठन मंत्री) शामिल थे। धरने में लगभग 860 कर्मचारियों ने भाग लिया, जिसमें राकेश भट्ट, पंचम कुमार, दर्शन लाल सेमवाल, भुवनेश्वर प्रसाद सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
धरने के पीछे की भावना यह है कि सरकार को उनके मुद्दों और मांगों के प्रति गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। कर्मचारियों का दृढ़ विश्वास है कि यदि उनकी 12 सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे अपनी आवाज को और भी बलशाली तरीके से उठाने के लिए तैयार हैं।
अंत में, सभी कर्मचारियों ने यह संकल्प लिया कि वे संघर्ष हेतु एकजुट रहेंगे और अपनी मांगों को मनवाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इस धरने ने स्पष्ट रूप से दिखाया कि मध्यवर्ती कर्मचारी सरकार से सकारात्मक संवाद की अपेक्षा कर रहे हैं।
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सादर, टीम अमृत बज़ार पत्रिका
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