मुख्यमंत्री ने पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी में समायोजन का दिया निर्देश, नई खेल नीति भी जल्द आएगी
मुख्यमंत्री ने पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में समायोजित करने के निर्देश दिए
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक विजेताओं को जल्द सरकारी सेवा में समायोजित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, नई खेल नीति को राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप लाने की बात की गई है।
गुरुवार को सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों से कहा कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी में समायोजित करने की प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि आउट ऑफ टर्न नौकरी पाने वाले अधिकांश खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नौकरी मिल सके, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।
नई खेल नीति का निर्माण
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि केंद्र सरकार द्वारा पेश की गई राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के आधार पर राज्य में नई खेल नीति बनाई जाए। यह राज्य के खेल ढांचे को मजबूत बनाने और खिलाड़ियों के विकास के लिए आवश्यक कदम होगा। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय-गोलापार, हल्द्वानी में अगले माह से सत्र की शुरुआत के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि गोलापार स्टेडियम में प्रवेश प्रक्रिया के साथ-साथ कोच, कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम योजना के तहत मिनी स्टेडियमों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने का निर्देश दिया।
क्रीड़ा अवसंरचना का विकास
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं, जिसमें प्रमुख हैं:
- महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून और अन्य स्टेडियम में विकसित की गई सुविधाओं को खिलाड़ियों के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दें।
- 38वीं राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के दौरान विकसित बुनियादी ढांचे के रख-रखाव पर ध्यान दें।
- 39वीं राष्ट्रीय खेल 2027 के लिए खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करना।
- एक जिला एक स्पोर्ट्स की अवधारणा के तहत सभी जनपदों में कोचिंग और प्रतिभा पहचान को विकसित करना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सभी खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाएं मुहैया करना है, जिससे वे अपनी प्रतिभा के अनुसार बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों की साकार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पदक धारक खिलाड़ियों की सरकारी नौकरी स्थिति
बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक कुल 29 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में समायोजित किया गया है। इसके साथ ही, एक ब्लॉक एक मिनी स्टेडियम योजना के तहत 48 मिनी स्टेडियमों का निर्माण समाप्त हो चुका है, और 10 मिनी स्टेडियम का काम वर्तमान में चल रहा है। अन्य मिनी स्टेडियमों के लिए भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
अवसरों के नए द्वार: महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज
बैठक में यह भी बताया गया कि भारत के पहले महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट का कार्य तेज गति से चल रहा है। इसके अंतर्गत 16 पदों का सृजन किया गया है और प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसके अलावा, गोलापार, हल्द्वानी में उत्तराखंड का पहला एवं भारत का दसवां राज्य खेल विश्वविद्यालय विकसित किया जा रहा है, जिसमें कई बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है।
इस नई खेल नीति और संरचनात्मक विकास से न केवल खिलाड़ियों को लाभ होगा, बल्कि राज्य को खेल के क्षेत्र में नए मुकाम पर पहुंचाने का अवसर भी मिलेगा।
अधिक जानकारी के लिए, यहां पर क्लिक करें
टीम अमिता बाज़ार पत्रिका
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0