युवाओं के लिए कौशल विकास और उद्यमिता का नया अध्याय, 34 हजार सरकारी नौकरियों के बाद

Aug 17, 2026 - 00:44
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युवाओं के लिए कौशल विकास और उद्यमिता का नया अध्याय, 34 हजार सरकारी नौकरियों के बाद
युवाओं के लिए कौशल विकास और उद्यमिता का नया अध्याय, 34 हजार सरकारी नौकरियों के बाद

युवाओं के लिए कौशल विकास और उद्यमिता का नया अध्याय, 34 हजार सरकारी नौकरियों के बाद

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 34,000 सरकारी नौकरियों के बाद अब युवाओं के कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की है।

Youth Skill Development

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने चार साल के कार्यकाल में रिकॉर्ड 34,000 युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान करने के बाद अब कौशल और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। प्रदेश सरकार पहले से ही मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और देवभूमि उद्यमिता योजना का संचालन कर रही है, जिससे युवा वर्ग लाभान्वित हो रहा है।

जमीनी स्तर पर असर डालने की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर की गई 7 महत्वपूर्ण घोषणाओं में से 4 घोषणाएं सीधे तौर पर युवाओं के कौशल, रोजगार और उद्यमिता से संबंधित थीं। विशेष औद्योगिक पार्क की स्थापना के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों और प्रतिभाओं का सही उपयोग करने के लिए ठोस पहल की गई है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में यह पहल युवाओं को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर प्रदान करेगा।

18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत, उत्तराखंड के युवा आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से निःशुल्क उद्यमिता और कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

युवाओं के लिए निर्धारित अनुदान

इस योजना में, सरकार उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि को अनुदान के रूप में प्रदान करेगी। इस पहल से युवाओं को न केवल प्रशिक्षण प्राप्त होगा, बल्कि वे वित्तीय सहायता के जरिए अपने खुद के कारोबार की शुरुआत भी कर सकेंगे।

पहली बार बनेगा युवा आयोग

युवाओं से जुड़े विषयों को институशनल रूप से आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में पहली बार एक ‘युवा आयोग’ की स्थापना का निर्णय लिया गया है। यह आयोग शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता जैसे मुद्दों पर सुझाव और नीतिगत पहल के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन सकता है।

सीमांकन और अग्निवीरों का ध्यान

मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं, भूतपूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता मुहैया कराने की घोषणा की है। खेल और रोजगार के माध्यम से इन युवाओं की मदद करके पलायन की चुनौतियों को भी कम किया जा सकता है। अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के कौशल को उद्यमिता से जोड़ने का निर्णय भी किया गया है।

एक सशक्त उत्तराखंड का निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा है, "हमारा लक्ष्य उत्तराखंड के युवाओं को केवल रोजगार हासिल करने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। सरकारी सेवाओं में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती के माध्यम से हजारों युवाओं को अवसर देने के बाद अब कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से नए अवसर बनाए जा रहे हैं।" पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

युवाओं की शक्ति उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत है और सरकार उन्हें हर संभव अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड।

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Team Amrita Bazaar Patrika

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