राजकीय इंटर कॉलेज मरोड़ा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ दो दिवसीय नामिक निरीक्षण
राजकीय इंटर कॉलेज मरोड़ा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ दो दिवसीय नामिक निरीक्षण
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कम शब्दों में कहें तो, राजकीय इंटर कॉलेज मरोड़ा में नए शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेलकूद और प्रशासनिक गतिविधियों का समग्र निरीक्षण किया गया। टिहरी गढ़वाल के जौनपुर विकासखंड अंतर्गत स्थित इस कॉलेज में 9 अक्टूबर को दो दिवसीय नामिक निरीक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ।
निरीक्षण का उद्देश्य और उसके परिणाम
इस निरीक्षण के दौरान, विशेष निरीक्षण टीम ने विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों का गहन आकलन किया। इसमें शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों, प्रार्थना सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेलकूद, अनुशासन, और कार्यालयी व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत कर विद्यालय की रचनात्मकता और कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया।
निरीक्षण पैनल के सदस्यों द्वारा की गई टिप्पणियां
निरीक्षण पैनल में राजकीय इंटर कॉलेज नरेंद्रनगर के प्रधानाचार्य दिनेश कुमार, रानीचौरी के प्रवक्ता मुकेश बहुगुणा, राजकीय इंटर कॉलेज ज्ञानसू के संजीव बडोनी, और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज थत्यूड़ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विनय भट्ट शामिल थे। निरीक्षक मुकेश बहुगुणा ने कहा कि, "प्रशासनिक स्तर पर चयनित विद्यालय में दो दिवसीय नामिक निरीक्षण के दौरान सभी गतिविधियों का सटीक परीक्षण किया गया।" उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में अवस्थित होने के बावजूद विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
विद्यालय के प्रधानाचार्य का स्वागत
विद्यालय के प्रधानाचार्य बीआर शर्मा ने निरीक्षण टीम का स्वागत करते हुए विद्यालय में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी और शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे, जिनमें अनूप थपलियाल, सुशील कुमार, इंद्र देव वशिष्ठ, मनोज सकलानी, नवीन भारती, राजेंद्र रावत, रामस्वरूप उनियाल, शशि ड्यूडी, इंदू नेगी, राहुल जोशी, अनिल हटवाल, और रोहित हटवाल शामिल थे।
निष्कर्ष
इस निरीक्षण ने न केवल विद्यालय के शैक्षणिक और खेलकूद में सुधार को दर्शाया है, बल्कि सांस्कृतिक और अनुशासनिक गतिविधियों में भी गुणवत्ता का संचार करने में मदद की है। ऐसे निरंतर निरीक्षण कार्यक्रम न सिर्फ विद्यालयों की गुणवत्ता बढाते हैं, बल्कि छात्रों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और उत्साह बढ़ाते हैं।
इसके अलावा, आगे भी ऐसी निरीक्षण प्रक्रियाएं छात्रों की मानसिकता और विद्यालय की कार्यप्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाने की संभावना को उजागर करती हैं। अधिक जानकारी और अपडेट के लिए यहाँ क्लिक करें।
सादर,
टीम अमृति बाजार पत्रिका
(कृति गोस्वामी)
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