विद्यालयी शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, विनोद प्रसाद सेमल्टी बने प्रभारी निदेशक
विद्यालयी शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
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कम शब्दों में कहें तो प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए वार्षिक स्थानांतरण सत्र-2026 के अंतर्गत विद्यालयी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
राज्य सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसमें विशेषकर अधिकारियों की नई तैनातियों का समावेश किया गया है। प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा विभाग के लिए यह कदम निर्णायक साबित हो सकता है। हाल ही में, शासन द्वारा जारी आदेश में विनोद प्रसाद सेमल्टी को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय का प्रभारी निदेशक नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति से विभाग की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
नई तैनातियों का विवरण
तैनाती का यह क्रम मात्र विनोद प्रसाद सेमल्टी तक सीमित नहीं है। के. एस. रावत को उनके मौजूदा दायित्वों के साथ-साथ प्रभारी निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा और अपर परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इसी तरह, विनोद कुमार ढौंडियाल को उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर का प्रभारी सचिव बनाया गया है।
गोविन्द राम जायसवाल को जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) और प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। इसी प्रकार, रणजीत सिंह नेगी को भी जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), नैनीताल की जिम्मेदारी दी गई है तथा उन्हें प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल और लोक सेवा अधिकरण, नैनीताल में नोडल अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।
व्यावसायिक प्रतिक्रिया
शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने इस प्रक्रिया पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि, "अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपे जाने से शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों में और अधिक गति आएगी। इससे प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने में सहायता मिलेगी। इन नियुक्तियों के माध्यम से विभागीय समन्वय मजबूत होगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।"
यहां यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि शिक्षा मंत्री की इस प्रतिक्रिया से स्पष्ट होता है कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह नियुक्तियां न केवल प्रशासनिक सुगमता लाएंगी बल्कि विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर भी मुहैया कराएंगी।
निष्कर्ष
समग्रता में, इन नई तैनातियों के माध्यम से शिक्षा विभाग में सकारात्मक बदलाव की संभावनाएं बढ़ गई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन अधिकारियों के कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था में कौन से सुधार देखने को मिलते हैं। हमें उम्मीद है कि इन नियुक्तियों से शिक्षा के क्षेत्र में और भी प्रगति होगी तथा विद्यार्थियों को उनके भविष्य के विकास के लिए बेहतर कौशल और ज्ञान प्राप्त होगा।
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– टीम अमृता बाजार पत्रिका
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