व्यो स्कूल ऑफ़ इनफिनिट लर्निंग का शानदार शुभारंभ: बच्चों के लिए नया अध्याय
व्यो स्कूल ऑफ़ इनफिनिट लर्निंग का शानदार शुभारंभ: बच्चों के लिए नया अध्याय
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
कम शब्दों में कहें तो, देहरादून में व्यो स्कूल ऑफ़ इनफिनिट लर्निंग का शुभारंभ एक यादगार अवसर था, जहाँ नन्हे-मुन्ने बच्चे और उनके मातृ-पितृ ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
देहरादून, 20 अप्रैल, 2026: व्यो स्कूल ऑफ़ इनफिनिट लर्निंग ने एक अनोखे अंदाज में अपनी यात्रा की शुरुआत की। इस आयोजन में परंपरा, प्रकृति और माइंडफुल एजुकेशन का एक बेहतरीन संगम देखने को मिला, जहाँ मालदेवता जंगल के सजीव वातावरण ने समारोह को एक अलग ही रंग दिया। इस अवसर पर न सिर्फ बच्चे बल्कि उनके दिशा-निर्देशक और मीठा संगी साथी भी शामिल हुए, जिन्होंने प्रारंभिक शिक्षा के नए रूप का अनुभव किया।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
व्यो स्कूल के शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर रणवीर सिंह चौहान, एमडी पैनेशिया हॉस्पिटल एवं गेस्ट ऑफ़ ऑनर शुभम चंदेल, डायरेक्टर पैनेशिया हॉस्पिटल ने दीप प्रज्वलन कर इस नए अध्याय का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के दौरान, रणवीर सिंह चौहान ने कहा, "प्रकृति की गोद में आप भारत के भविष्य को गढ़ने का कार्य कर रहे हैं।" उन्होंने संस्थापक सदस्यों को शुभकामनाएँ भी दी।
एक अलग अनुभव: शिक्षा का नया पैटर्न
इस शुभारंभ समारोह की शुरुआत आमंत्रित मेहमानों के सुविधाजनक स्वागत के साथ हुई, जहाँ हल्का संगीत ने एक शांति भरा माहौल उत्पन्न किया। बच्चे और उनके माता-पिता ने कई नैतिकता से प्रेरित गतिविधियों में भाग लिया, जो व्यो के अनुभवात्मक और हैंड्स-ऑन लर्निंग अप्रोच को दर्शाती थीं।
व्यो स्कूल का उद्देश्य केवल एक प्रीस्कूल के रूप में नहीं, बल्कि एक वेलनेस और फ़ॉरेस्ट कैंपस के रूप में खुद को प्रस्तुत करना है। इसके संस्थापक शशि भूषण का ये मानना है कि हर बच्चे में अपार क्षमता होती है, जिसे विकसित करना आवश्यक है। 'व्यो' का अर्थ 'व्योम' है, जो इस बात का प्रतीक है कि बच्चों की बढ़ती क्षमता को बिना किसी रुकावट के खोजा जा सकता है।
प्राकृतिक सेटिंग में जीवन का अनुभव
व्यो स्कूल की स्थापना प्रकृति के समीप हुई है, जो बच्चों को पारंपरिक कक्षाओं के बजाए एक खुला और जीवंत अनुभव प्रदान करता है। यहाँ बच्चे असली जीवन के अनुभवों के जरिये न केवल ज्ञान प्राप्त करते हैं, बल्कि प्रकृति के साथ एक गहरा भावनात्मक संबंध भी बनाते हैं। जैसे कि वे जीवन चक्रों को समझते हैं, पौधों की देखभाल करते हैं, और उनके चारों ओर की चीजों से जुड़े रहते हैं।
संस्कृति का रंग: सांस्कृतिक कार्यक्रमों की झलक
कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी किया गया, जिसमें नन्हे मुन्ने बच्चों ने भगवान की वंदना की और एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया, जो प्रकृति के महत्व पर जोर दिया। स्कूल का मानना है कि सच्ची शिक्षा जागरूकता, सहानुभूति और समझदारी को बढ़ावा देती है।
इसके साथ ही, कार्यक्रम के अंतर्गत कुछ इंटरएक्टिव गतिविधियाँ जैसे कि जर्मिनेशन, कुल्हड़ पेंटिंग, क्ले मॉडलिंग, एवं रूमाल स्टैम्पिंग का आयोजन किया गया, जिसने बच्चों और उनके माता-पिता को एक रचनात्मक तरीके से जुड़ने का अवसर दिया।
पेरेंट्स के लिए जानकारी का एक अद्भुत अनुभव
इस इवेंट ने पेरेंट्स को टीम के साथ संवाद करने, कैंपस का दौरा करने और व्यो के अद्वितीय लर्निंग अप्रोच को समझने का मौका भी प्रदान किया, जो न केवल शैक्षणिक विकास पर ध्यान केंद्रित करता है, बल्कि भावनात्मक और पर्यावरणीय जागरूकता पर भी जोर देता है।
कार्यक्रम में कई प्रमुख सदस्य जैसे अभिषेक वर्मा, आयुष राणा, मयंक तिवारी, और वैष्णवी डंगवाल उपस्थित थे, जिन्होंने इस अवसर को और भी विशेष बनाया।
अधिक अपडेट के लिए, यहाँ क्लिक करें.
टीम अमृता बाजार पत्रिका
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0