श्री हेमकुंड साहिब के कपाट विधि-विधान से खुले, पहले दिन 6500 श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
श्री हेमकुंड साहिब के कपाट विधि-विधान से खुले, पहले दिन 6500 श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के पवित्र स्थान श्री हेमकुंड साहिब के कपाट धार्मिक परंपराओं के साथ खोले गए। पहले दिन 6500 श्रद्धालुओं ने मत्था टेका और आशीर्वाद लिया।
चमोली, 23 मई 2026। उत्तराखंड में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को विधि-विधान और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। कपाट खुलने के साथ ही देशभर से आए श्रद्धालुओं की भीड़ में भारी उत्साह का संचार हुआ। पहले दिन ही लगभग 6500 श्रद्धालुओं ने गुरुद्वारे में मत्था टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया, साथ ही 5000 से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान किया।
धार्मिक अनुष्ठानों की भव्य शुरुआत
कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह सुबह 9 बजे पंच प्यारों की अगुवाई में आरंभ हुई। इस अवसर पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सचखंड से दरबार साहिब में सुशोभित किया गया। इसके पश्चात सुखमणी साहिब का पाठ और शबद कीर्तन का आयोजन किया गया। यह सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न हुए, जिसके बाद श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोले गए।
पहली अरदास का महत्व
दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर वर्ष 2026 की पहली अरदास भी की गई। इस अरदास के साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा का आधिकारिक शुभारंभ हो गया। इस मौके पर हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के चेयरमैन नरिंदर जीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि यात्रा से संबंधित सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, ठहरने, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं के लिए प्रशासन एवं गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था
कपाट खुलने के अवसर पर पूरे हेमकुंड साहिब में "जो बोले सो निहाल" और गुरुवाणी के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। बर्फीली चोटियों के बीच स्थित इस पवित्र धाम में श्रद्धालुओं की आस्था ने एक अनूठा वातावरण तैयार किया, जिसमें सभी भक्तजन अपनी भक्ति का इजहार करते हुए देखे गए।
आने वाले दिनों का आगाज़
उत्तराखंड की पर्वतमाला में बसा यह तीर्थ स्थल हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। आने वाले दिनों में इस पवित्र स्थल पर और भी श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। हेमकुंड साहिब यात्रा को लेकर हर पहलू का ध्यान रखा जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
प्रशासनिक व्यवस्थाएं, स्वास्थ्य सेवाएं और भोजन की प्रबंधना की गई हैं, जिससे कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान कोई असुविधा न हो। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस पवित्र स्थल पर गए श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए और बताया कि यहां की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य ने उनके मन को छू लिया।
आपको बता दें कि श्री हेमकुंड साहिब का इतिहास और महत्व भी अतुलनीय है। यह स्थल सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी का तीर्थ स्थल है, और यहां की यात्रा एक अनोखा आध्यात्मिक अनुभव देती है।
भक्तों की वफादारी और आस्था को ध्यान में रखते हुए यह पवित्र धाम हमेशा श्रद्धालुओं का स्वागत करेगा। यात्रा के दौरान आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने सुरक्षा का ध्यान रखें और धार्मिक अनुशासन का पालन करें।
अंत में, हम आशा करते हैं कि वर्ष 2026 की हेमकुंड साहिब यात्रा सबके लिए सुखद और आशीर्वाद से भरी रहे।
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सादर, टीम अमृता बाजार पत्रिका - अंकिता शर्मा
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