सरकारी संपत्तियों का निजीकरण: कांग्रेस ने सरकार को घेरा, आंदोलनों की चेतावनी

Sep 16, 2026 - 14:44
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सरकारी संपत्तियों का निजीकरण: कांग्रेस ने सरकार को घेरा, आंदोलनों की चेतावनी

सरकारी संपत्तियों का निजीकरण: कांग्रेस ने सरकार को घेरा, आंदोलनों की चेतावनी

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कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल में कांग्रेस पार्टी ने सरकारी जमीनों के निजीकरण की प्रक्रिया को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी का कहना है कि यह सरकारी संपत्तियों को निजी कंपनियों को सौंपने का एक खतरनाक कदम है, जिससे सरकारी संपत्ति का विनाश होगा।

टिहरी गढ़वाल में 16 सितंबर को जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें जिलाध्यक्ष मुरारी लाल खंडवाल और प्रदेश महासचिव विजय गुनसोला ने प्रेस के सामने सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (यूआईआईडीबी) के जरिए सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का इरादा बना लिया है।

सरकारी संपत्तियों का लीज़ पर देने का आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री की मंजूरी से, सरकारी जमीनें लंबी अवधि के लिए लीज़ पर दी जा रही हैं। खंडवाल ने बताया कि अब तक लगभग 1200 एकड़ (लगभग 6000 बीघा) भूमि के लिए प्रस्ताव स्वीकृत किए जा चुके हैं, और कई अन्य प्रस्ताव लंबित हैं। इससे राज्य की महत्वपूर्ण संपत्तियों के निजीकरण का खतरा उत्पन्न हो रहा है।

जॉर्ज एवरेस्ट लीज़ विवाद

कांग्रेस नेताओं ने मसूरी में स्थित जॉर्ज एवरेस्ट की 142 एकड़ सरकारी भूमि को भी उठाते हुए कहा कि इसे कम लीज़ पर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस लीज़ प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई है। उनका कहना है कि सरकार को इस सौदे की प्रक्रिया और वित्तीय लाभ-हानि की जानकारी स्पष्ट करनी चाहिए।

स्थानीय संपत्तियों का भी सवाल

जिला मुख्य प्रवक्ता आनंद सिंह बेलवाल ने कहा कि नैनीताल के पटुवाडांगर और हरिद्वार के अलकनंदा होटल जैसी कई स्थानीय संपत्तियों को भी लीज़ या पीपीपी मोड में दिया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि इन निविदाओं की शर्तें स्थानीय निवासियों के लिए अत्यधिक कठिन हैं।

जनहित की सरकारी भूमि पर सवाल

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इन सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में देने के साथ-साथ राष्ट्रीय महत्व की संस्थानों के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव भी लंबित हैं। रानीपोखरी क्षेत्र में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और किच्छा में न्यायालयीय विज्ञान विश्वविद्यालय के लिए भूमि की आवश्यकता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा रावत ने कहा कि वे बाहरी लोगों को टिहरी की सरकारी संपत्तियाँ सौंपने के विरोध में हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार को जमीन और संपत्तियों के संबंध में निर्णय पारदर्शी तरीके से लेने चाहिए। अगर सरकार ने इस दिशा में कदम वापस नहीं खींचे, तो कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।

इस अवसर पर, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुरारी लाल खंडवाल ने लखबीर चौहान को जिला प्रेस एवं मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। चौहान ने नई जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाने का आश्वासन दिया।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महासचिव विजय गुनसोला, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा रावत, शहर अध्यक्ष कुलदीप पंवार, जिला प्रवक्ता आनंद सिंह बेलवाल, प्रदेश सचिव नरेंद्र रमोला आदि भी उपस्थित रहे।

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टीम अमिता बाजार पत्रिका, सुषमा देवान

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