सिलोडा की सड़क का मुद्दा - चांद पर पहुंची दुनिया, लेकिन सड़क नहीं

Sep 7, 2026 - 00:44
 122  501.8k
सिलोडा की सड़क का मुद्दा - चांद पर पहुंची दुनिया, लेकिन सड़क नहीं

सिलोडा की सड़क का मुद्दा - चांद पर पहुंची दुनिया, लेकिन सड़क नहीं

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, टिहरी गढ़वाल के सीमांत गांव सिलोडा में आजादी के 26 साल बाद भी सड़क का सपना अधूरा है। यहां के ग्रामीण अभी भी डंडी-कंडी का सहारा लेकर मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं।

सड़क के लिए तरसते ग्रामीण

टिहरी गढ़वाल, 6 सितम्बर। प्रतापनगर विधान सभा क्षेत्र के गांव सिलोडा में 26 साल के लंबी इंतज़ार के बाद भी सड़क का सपना पूरा नहीं हो पाया है। उत्तराखंड के गठन के कई साल बीत जाने के बावजूद, ग्रामीण आज भी सड़क के अभाव में दुर्गम रास्तों पर चलकर मुख्य मार्ग तक पहुंचने को मजबूर हैं। विशेषकर बीमार, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह सफर बेहद कठिनाई भरा बन गया है। कई किलोमीटर तक इन लोगों को डंडी-कंडी के सहारे ले जाना उनकी जीवन और स्वास्थ्य के लिए खतरा बन गया है।

सरकार की विकास योजनाओं पर सवाल

पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य और प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश राणा ने इस मुद्दे को लेकर सरकार की विकास योजनाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार ने कई बार घोषणा की कि गांव तक सड़क पहुंचाई जाएगी, लेकिन हकीकत में स्थिति वही की वही है।”

जीवन और सड़क का संबंध

राना ने कहा कि बारिश के दौरान फिसलन भरे रास्तों पर मरीजों को सड़क तक पहुंचाना जोखिम भरा हो जाता है। उन्होंने इस संबंध में सवाल करते हुए कहा, “अब सवाल केवल सड़क का नहीं है, बल्कि इंसानी जिंदगी का भी है। सरकार को बताना चाहिए कि सिलोडा को सड़क कब मिलेगी?”

उन्होंने गाँव में सड़क निर्माण का कार्य तुरंत शुरू करने की मांग की है और कहा कि यह केवल एक सड़क का निर्माण नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी को सुरक्षित करने का भी मामला है।

सिलोडा की स्थिति यह दर्शाती है कि कैसे विकास और सड़क निर्माण के दावे केवल दिखावे तक सीमित रह जाते हैं, जबकि वास्तविकता में लोग अपने जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

ग्रामीणों का जीवनस्तर ऊँचा उठाने के लिए जरूरी है कि सरकार इन दुर्गम गाँवों की ओर विशेष ध्यान दे। उम्मीद है कि राकेश राणा जैसे नेता अपनी आवाज उठाते रहेंगे और इस दिशा में सुधार लाने के लिए कदम उठाएंगे।

यह मामला न केवल सिलोडा के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे देश में विकास के दावों की हकीकत को भी उजागर करता है।

आप इस मुद्दे पर अपनी राय साझा कर सकते हैं। इस खबर के प्रति लोगों की भावनाओं और प्रतिक्रियाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है। अधिक अपडेट के लिए विजिट करें https://amritabazaarpatrika.com.

सभी नागरिकों का जीवन और स्वास्थ्य हमारे समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।

सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
सृष्टि शर्मा

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0