हरिद्वार महाकुंभ 2027 के लिए गंभीर तैयारी: सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात, ₹408 करोड़ की परियोजनाओं की मांग

Feb 23, 2026 - 21:44
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हरिद्वार महाकुंभ 2027 के लिए गंभीर तैयारी: सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात, ₹408 करोड़ की परियोजनाओं की मांग
हरिद्वार महाकुंभ 2027 के लिए गंभीर तैयारी: सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात, ₹408 करोड़ की परियोजनाओं की मांग

हरिद्वार महाकुंभ 2027 के लिए गंभीर तैयारी: सीएम धामी से केंद्रीय मंत्री की मुलाकात

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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से हाल ही में नई दिल्ली में मुलाकात की, जिसमें उन्होंने हरिद्वार में 2027 में होने वाले महाकुंभ के लिए तैयारियों और प्रमुख परियोजनाओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ की सफलता और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के तहत ₹408.82 करोड़ की परियोजनाओं की जल्द स्वीकृति की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस महाआयोजन में देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, इसलिए गंगा नदी की निर्मलता, स्वच्छता और अविरलता बनाए रखना अति आवश्यक है। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि गंगा का पानी साफ और सुरक्षित रहे।

महाकुंभ की तैयारियों की योजना

सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि महाकुंभ के दौरान गंगा की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाने बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसके साथ ही, उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए ₹253 करोड़ के प्रस्तावों की स्वीकृति की भी मांग की।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त राशि जारी करने और साथ ही इकबालपुर नहर प्रणाली, कनखल और जगजीतपुर नहर की क्षमता को बढ़ाने का भी अनुरोध किया गया। इससे हरिद्वार जिले के भगवानपुर और लक्सर क्षेत्र में सिंचाई के लिए 665 क्यूसेक पानी उपलब्ध होगा। इस परियोजना के माध्यम से लगभग 13 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय किसानों को बहुत लाभ होगा।

गंगा संरक्षण के लक्ष्य

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से हरिद्वार कुंभ 2027 को एक दिव्य और भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, गंगा के संरक्षण के लक्ष्यों को और अधिक सशक्त किया जाएगा।

हरिद्वार महाकुंभ केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण है। कुंभ के आयोजन से जुड़े कार्यों में निम्नलिखित पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा:

  • गंगा नदी के पर्यावरण की रक्षा
  • स्थायी विकास के लिए दीर्घकालिक रणनीतियाँ
  • अंतर्राष्ट्रीय श्रद्धालुओं के अनुभव का संवर्धन
  • स्थानीय समुदायों को लाभ पहुंचाना

सीएम धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार सभी आवश्यक उपाय करेगी ताकि हरिद्वार महाकुंभ 2027 एक यादगार तथा सुरक्षित आयोजन हो सके। स्थानीय प्रशासन और जल शक्ति मंत्रालय मिलकर काम करेंगे ताकि सभी अवस्थाएँ उत्तम हों।

हरिद्वार महाकुंभ 2027 की संभावनाएँ, स्वच्छता तथा हरिद्वार क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। हमारे सभी पाठकों से निवेदन है कि वे इस इवेंट से जुड़ी अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट अमृता बाजार पत्रिका पर जरूर जाँचे।

Team Amrita Bazaar Patrika

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