हल्द्वानी: छात्राओं ने हिमवीरों को बांधी राखियां, रक्षाबंधन पर उमड़ा भाई-बहन का प्यार

Aug 28, 2026 - 14:44
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हल्द्वानी: छात्राओं ने हिमवीरों को बांधी राखियां, रक्षाबंधन पर उमड़ा भाई-बहन का प्यार
हल्द्वानी: छात्राओं ने हिमवीरों को बांधी राखियां, रक्षाबंधन पर उमड़ा भाई-बहन का प्यार

हल्द्वानी में हिमवीरों के लिए छात्राओं ने बांधी राखियां

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कम शब्दों में कहें तो, रक्षाबंधन का पावन पर्व इस बार हल्द्वानी के 34वीं वाहिनी ITBP में विशेष रूप से मनाया गया। जहाँ दूर घर परिवार से रह रहे हिमवीरों को स्थानीय छात्राओं ने अपने भाई की तरह राखियों से सजाया।

भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन

रक्षाबंधन के इस खास अवसर पर 34वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP), हल्दूचौड़ में एक भावनात्मक एवं आत्मीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिला जन चेतना सामाजिक समूह, लालकुआं की बहनों और चिल्ड्रंस एकेडमी की छात्राओं ने भाग लिया। यह आयोजन न केवल राखी बांधने की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए था, बल्कि इससे हिमवीरों को अपने परिवार की याद दिलाने का भी कार्य किया गया।

हिमवीरों का प्रेम और समर्पण

हिमवीर, जो अक्सर अपने परिवार से दूर रहकर देश की सेवा करते हैं, उनके साथ यह भावनात्मक जुड़ाव देखने के लिए आया। छात्राओं ने व्यवस्थाएं की और ढेर सारी राखियां बनाकर अपने नायक हिमवीरों के लिए यह संदेश भेजा कि वे हमेशा उनके साथ हैं। यह समारोह जम्मू और कश्मीर की कठिन सतहों से लेकर उत्तर-पूर्वी राज्यों तक हिमवीरों के बलिदान को भी याद दिलाता है।

छात्राओं की भावनाएं

इस आयोजन में शामिल छात्राओं ने बताया कि यह एक ऐसा पल था जिसे उन्होंने कभी नहीं भुलाया। उनके लिए यह न केवल एक परंपरा थी, बल्कि उनके दिल की गहराइयों से निकला हुआ एक स्नेह भरा संदेश था। जहाँ एक ओर वे अपने भाइयों को राखी बांध रही थीं, वहीं दूसरी ओर हिमवीरों के प्रति उनकी मानसिकता में गहरी सराहना और आदर का भाव भी दिखाई दे रहा था।

समाज में योगदान

इस तरह के कार्यक्रम समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण होते हैं। यह दर्शाता है कि कैसे एक समुदाय मिलकर अपने नायकों को सम्मानित कर सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि वार्षिक रूप से रक्षाबंधन के अवसर पर इस तरह के आयोजन न केवल हिमवीरों की भावनाओं को समझने में मदद करते हैं, बल्कि समाज में भी जागरूकता फैलाते हैं।

निष्कर्ष

इस प्रकार, रक्षाबंधन का यह पावन पर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भावना, सहयोग और साधना का प्रतीक बनकर सामने आया है। हिमवीरों की कलाई पर सजाई गई राखी ने यह संदेश दिया है कि वे अकेले नहीं हैं, बल्कि उनके साथ उनके भाई-बहन की तरह देशवासी हमेशा खड़े हैं।

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सादर,

टीम अमिता बाजार पत्रिका

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