17 जुलाई को देहरादून में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की पूर्व बैठक
17 जुलाई को देहरादून में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की पूर्व बैठक
Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika
कम शब्दों में कहें तो, 17 जुलाई 2026 को परेड ग्राउंड में होने वाले “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम की तैयारी के लिए नई टिहरी में छात्रों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
टिहरी गढ़वाल, 12 जुलाई। आगामी 17 जुलाई को देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के संदर्भ में जिला मुख्यालय नई टिहरी में छात्र-छात्राओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में कार्यक्रम के उद्देश्य, शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और युवाओं के रोजगार को लेकर गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में उठे महत्वपूर्ण मुद्दे
बैठक को संबोधित करते हुए उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व राज्य मंत्री सैयद मुसर्रफ़ अली, जिला कांग्रेस कमेटी टिहरी गढ़वाल के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश राणा, तथा अन्य नेताओं ने कहा कि आज के युग में युवाओं के भविष्य से जुड़े प्रश्न एक गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं।
वक्ताओं ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी छात्रों के मुद्दों—जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएँ, बढ़ती बेरोज़गारी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता—को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार उठा रहे हैं। इस क्रम में, 17 जुलाई को देहरादून में आयोजन “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम युवाओं को अपनी बात रखने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
युवाओं की उम्मीदें और सरकार का जवाब
वक्ताओं ने चिंता व्यक्त की कि पिछले वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लीक हुए प्रश्नपत्रों और भर्ती प्रक्रियाओं में आई अनियमितताओं ने लाखों युवाओं की मेहनत और उम्मीदों पर गहरा आघात किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का अधिकार है।
प्रदेश कांग्रेस सचिव और पूर्व राज्य मंत्री सैयद मुसर्रफ़ अली और पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश राणा ने मिलकर छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे 17 जुलाई को “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग को मजबूती से उठाएँ।
वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य सरकार ने चुनावी वादे किए थे कि प्रतिवर्ष 2 लाख बेरोज़गार युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। अब लगभग दस वर्ष बीतने जा रहे हैं और इस अवधि के दौरान क्या सरकार ने इन वादों को पूरा किया है? क्या सरकार ने सार्वजनिक रूप से इस पर चर्चा की है? यह एक बड़ा प्रश्न है जो आज युवाओं के समक्ष है।
समाज की ज़िम्मेदारी
वक्ताओं की इस बैठक में कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनमें नैतिक, मुशैफ, नीरज, आयुष और अन्य प्रमुख छात्र शामिल थे। यह ज़रूरी है कि समाज और सरकार दोनों मिलकर रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लें। सरकार को चाहिए कि वह अपने आंकड़े सार्वजनिक करे ताकि स्पष्ट हो सके कि युवाओं की मांगों का जवाब कैसे दिया गया है।
युवाओं की सशक्तीकरण के लिए यह आवश्यक है कि उन्हें सही दिशा और समर्थन मिले। ऐसे आयोजना और बैठकें इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
अधिक जानकारी और अपडेट के लिए कृपया विजिट करें Amrita Bazaar Patrika.
Team Amrita Bazaar Patrika
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0