उच्च हिमालय में बर्फबारी: ट्रैकर्स और पोर्टरों की सुरक्षा के लिए प्रशासन जुटा

Sep 28, 2026 - 00:44
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उच्च हिमालय में बर्फबारी: ट्रैकर्स और पोर्टरों की सुरक्षा के लिए प्रशासन जुटा

बर्फबारी के बीच उच्च हिमालय में ट्रैकर्स और पोर्टरों को सुरक्षित लाने में जुटा प्रशासन

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तरकाशी में हुई बर्फबारी के बाद ट्रैकर्स और पोर्टरों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने जरूरी कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अगुवाई में विशेष बैठक हुई, जिसमें सभी आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उत्तरकाशी में 27 सितम्बर को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण ट्रैकिंग और पर्वतारोहण के लिए गए ट्रैकर्स एवं पोर्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। प्रशासन ने ट्रैकर्स और पोर्टरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए समर्पित राहत एवं बचाव टीमें तैयार कर दी हैं।

सुरक्षा में प्रशासन की भूमिका

जिलाधिकारी ने कहा कि ट्रैकर्स की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह तत्पर है। बर्फबारी के कारण संभावित संकट को देखते हुए उन्होंने हेली सेवाओं को अलर्ट पर रखने और आवश्यकता पड़ने पर हवाई रेस्क्यू शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, ट्रैकर्स के लिए राशन, पैक्ड फूड, और पेयजल की व्यवस्था का भी ध्यान रखा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

चिकित्सा टीमों को भी समीपवर्ती स्थानों पर तैनात किया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार मिल सके। जिलाधिकारी की पहल से एंबुलेंस और आवश्यक दवाइयों की तैयारियों को सुनिश्चित किया गया है।

ट्रैकर्स एवं रेस्क्यू टीमों की स्थिति

प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में कुल 136 पर्वतारोही, ट्रैकर, और सहयोगी स्टाफ मौजूद हैं। इनमें से 89 सदस्यों को हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन के अंतर्गत रखा गया है, जबकि कालिंदी पास बेस कैंप पर 18 और ऑडिन कोल पास बेस कैंप में 29 सदस्य शामिल हैं। प्रशासन की प्राथमिकता इन सभी को सुरक्षित नीचे लाना है।

एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, एनआईएम और वन विभाग की टीमें पूरी तरह से अलर्ट मोड़ में काम कर रही हैं। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष द्वारा सैटेलाइट संचार का उपयोग करके ट्रैकिंग रूटों पर मौजूद लोगों की स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासनिक समन्वय और मार्गदर्शन

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के साथ-साथ अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र भी मौके पर व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए हर्षिल के लिए रवाना हुई हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित टीमों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

इस बैठक में पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, सीडीओ जय भारत सिंह, सीएमओ श्याम विजय, एसडीएम शालिनी नेगी, और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा, प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी आवश्यक सुविधाएं और सहायता समय पर उपलब्ध रहें।

यह सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है कि सुरक्षित स्थानों तक पहुँचने के लिए ट्रैकर्स और पोर्टर्स को किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े। भविष्य में भी ऐसे आपातकालीन सिचुएशन्स के लिए प्रशासन ने अपनी तत्परता को बनाए रखा है।

इस संकट के बीच उत्तरकाशी प्रशासन ने यह साबित किया है कि वे अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध हैं। आगे के अपडेट्स के लिए यहाँ क्लिक करें।

साभार, टीम अमrita Bazaar Patrika

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