उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग में सुनीता देवी की नियुक्ति से सामाजिक न्याय को मिलेगी मजबूती

Feb 18, 2026 - 00:44
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उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग में सुनीता देवी की नियुक्ति से सामाजिक न्याय को मिलेगी मजबूती
उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग में सुनीता देवी की नियुक्ति से सामाजिक न्याय को मिलेगी मजबूती

उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग में सुनीता देवी की नियुक्ति से सामाजिक न्याय को मिलेगी मजबूती

देहरादून/टिहरी गढ़वाल 17 फरवरी 2026। उत्तराखंड शासन ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय में जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखंड जाखणीधार की निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सुनीता देवी को उत्तराखंड अनुसूचित जाति आयोग में सदस्य पद पर नामित किया है। इस संबंध में मंत्रिपरिषद अनुभाग द्वारा विधिवत कार्यालय ज्ञाप जारी कर दिया गया है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, श्रीमती सुनीता देवी की नियुक्ति से आयोग को सामाजिक मुद्दों की समाधान में एक सक्षम सदस्य मिलेगा, जो क्षेत्र के जमीनी मुद्दों से जुड़े अनुभव रखते हैं।

सुनीता देवी

जारी आदेश के अनुसार, श्रीमती सुनीता देवी पत्नी श्री विजय दास को आयोग में सदस्य के रूप में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी रूप से नियुक्त माना जाएगा। शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि नामित सदस्य के कर्तव्यों, दायित्वों, अधिकारों तथा सेवा अवधि से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश पृथक से संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। आदेश पर अपर सचिव एम.एम. सेमवाल के डिजिटल हस्ताक्षर अंकित हैं। शासन ने आदेश की प्रतिलिपि महालेखाकार, मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव, समाज कल्याण विभाग, सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, कोषागार निदेशक तथा एनआईसी सचिवालय परिसर देहरादून सहित संबंधित अधिकारियों को प्रेषित कर दी है।

सामाजिक प्रतिनिधित्व को मजबूती

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, श्रीमती सुनीता देवी लंबे समय से क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय जनप्रतिनिधि रही हैं और जमीनी मुद्दों पर उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। ऐसे में अनुसूचित जाति से जुड़े मामलों की सुनवाई और निस्तारण में उनके अनुभव का लाभ आयोग को मिल सकता है। इस नियुक्ति को राज्य में सामाजिक न्याय और समावेशी प्रतिनिधित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

आने वाले समय में आयोग की कार्यप्रणाली और प्राथमिकताओं पर इस नियुक्ति का सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा।

इस निर्णय के माध्यम से शासन ने यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि वह अपने सभी वर्गों के विकास के प्रति गंभीर है। अनुसूचित जाति आयोग का उद्देश्य सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करना और उन समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना है जिन्हें पारंपरिक रूप से हाशिये पर रखा गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगले कुछ महीनों में आयोग के लिए नई प्राथमिकताओं और कार्य योजनाओं की घोषणा की जा सकती है, जिससे समाज के सबसे वंचित वर्गों के लिए बेहतर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। आयोग को सुनीता देवी के व्यापक अनुभव का लाभ मिलेगा और इससे अनुसूचित जातियों के मुद्दों को और अधिक गंभीरता से लिया जाएगा।

राज्य में ऐसे कई मुद्दे हैं जिन्हें गति दिए जाने की आवश्यकता है, और सुनीता देवी की नियुक्ति से सामाजिक मुद्दों की भाषा बदलने और उनकी स्थिति में सुधार की दिशा में हमें कुछ सकारात्मक संकेत देखने को मिल सकते हैं।

अंत में, यह नियुक्ति न केवल श्रीमती सुनीता देवी के लिए अपितु पूरे राज्य के अनुसूचित जातियों के लोगों के लिए एक नई उम्मीद का संचार करती है। Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

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सादर, टीम अमृता बाजार पत्रिका

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