उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के सचिव पद की जिम्मेदारी अब त्रिवेदी पर

Aug 13, 2026 - 14:44
Aug 13, 2026 - 17:54
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उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के सचिव पद की जिम्मेदारी अब त्रिवेदी पर
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के सचिव पद की जिम्मेदारी अब त्रिवेदी पर

उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के सचिव पद की जिम्मेदारी अब त्रिवेदी पर

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के सचिव पद की जिम्मेदारी अब भगवती प्रसाद त्रिवेदी को सौंपी गई है। यह निर्णय हाल में हुए प्रशासनिक बदलाबों के बीच आया है, जिसमें पहले भी कई अधिकारी इस पद पर बदलाव का सामना कर चुके हैं।

देहरादून से अविकल थपलियाल की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग ने सचिव पद की जिम्मेदारी सीधे श्री त्रिवेदी को सौंपने का आदेश जारी कर दिया है। यह निर्णय 6 अगस्त 2026 को लिया गया, जब यह साफ हो गया कि इस पद पर नियमित तैनाती होने से पहले श्री त्रिवेदी, जो वर्तमान में प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हैं, को इस पद का अतिरिक्त कार्यभार दिया जाना है। उन्हें आहरण एवं वितरण संबंधी कार्यों का प्रभार नहीं दिया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले हीरा सिंह बसेड़ा को यह जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन शासन के विशेष सचिव द्वारा 31 जुलाई को उन्हें कार्यमुक्त करने के निर्देश जारी किए गए थे। इस बदलाव का कारण आयोग में अधिकारों की स्पष्टता एवं प्रशासनिक कार्यों में सुधार लाना बताया गया है।

नई जिम्मेदारी और प्रशासनिक दिशा निर्देश

आयोग द्वारा जारी किए गए नए आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि श्री त्रिवेदी को उनके नए कार्यभार के लिए कोई अतिरिक्त मानदेय या भुगतान नहीं किया जाएगा। उनसे यह भी अपेक्षाकृत किया गया है कि वे सचिव, अल्पसंख्यक आयोग का कार्यभार ग्रहण करते ही अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत करें।

आधिकारिक दस्तावेज़ में उल्लेखित है कि दिनांक 06 जुलाई 2026 को उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण हीरा सिंह बसेड़ा को सचिव पद का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया था। फिर, शासन के समक्ष उस चार्ज से उन्हें मुक्त कर दिया गया, जिससे यह स्थिति बनी। इस समय, आयोग के अधिकार क्षेत्र एवं प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी कई सवाल खड़े हुए हैं।

आयोग में अधिकारीयों के बीच टकराव

हाल ही में, आयोग के उप सचिव और विशेष सचिव के बीच प्रशासनिक कार्यों के संबंध में टकराव की स्थिति भी उत्पन्न हुई थी। इससे पहले भी अधिकारियों ने इन अधिकारों और कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा की है। यह महत्वपूर्ण है कि आयोग के भीतर प्रशासनिक निर्णयों और शासन के निर्देशों के बीच सामंजस्य स्थापित किया जाए ताकि यह स्पष्ट रूप से ज्ञात हो सके कि किस अधिकारी का क्या कार्य है।

उपसचिव स्तर के विवादों के चलते, हीरा सिंह बसेड़ा को पहले सचिव स्वीकार किया गया था, लेकिन अंत में उन पर कार्यमुक्त होने का दबाव डाला गया। अब, सचिव की जिम्मेदारियों को संभालने के लिए श्री त्रिवेदी को चयनित किया गया है।

अंतिम विचार

इस बदलाव के चलते, अल्पसंख्यक आयोग में भविष्य की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले का घटनाक्रम विभिन्न अधिकारियों की कार्यशैली और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को प्रदर्शित करता है। नये सचिव की तैनाती के बाद अब देखना होगा कि वे आयोग की कार्यप्रणाली में किस प्रकार सुधार कर पाते हैं।

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संपादक: दीप्ति सिंह, टीम अमृता बाजार पत्रिका

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