उत्तराखंड की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल ने वैश्विक स्तर पर लहराया परचम
उत्तराखंड की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल ने वैश्विक स्तर पर लहराया परचम
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के शिक्षा विभाग की डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण पहल ने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की विकसित ‘बिल्डिंग फ्यूचर-रेडी टीचर थ्रो एआई’ परियोजना को यूनेस्को के एआई फॉर एजुकेशन अवार्ड-2026 में शामिल किया गया है।
देहरादून, 09 जुलाई 2026। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा स्थापित यह प्रोग्राम शिक्षा क्षेत्र में एक नई क्रांति का प्रतीक बन चुका है। स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट-2026 के दौरान इस परियोजना को वैश्विक टीचर ट्रेनिंग अवार्ड वर्ग में विश्व की शीर्ष छह परियोजनाओं में स्थान मिला है।
उत्तराखंड की डिजिटल पहल का महत्व
इस पहल का उद्देश्य न केवल शिक्षकों को प्रशिक्षित करना है, बल्कि उन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल तकनीकों से सुसज्जित करना भी है। 1 सितम्बर, 2026 से यह परियोजना यूनेस्को के ग्लोबल इम्पावरमेंट प्रोग्राम का हिस्सा बनने जा रही है, जिसका उद्देश्य अन्य देशों को अपनी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और सुदृढ़ बनाने में मदद करना है।
खास बात
- विश्व के 47 देशों में एससीईआरटी का डिजिटल प्रशिक्षण टॉप-6 परियोजना में हुआ शामिल
- यूनेस्को के टीचर ट्रेनिंग अवार्ड से सम्मानित होगा उत्तराखंड का एससीईआरटी संस्थान
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान प्रदेश के हजारों शिक्षकों, एससीईआरटी की टीम, तथा शिक्षा विभाग के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने उल्लेख किया कि यह दूसरी बार है जब एससीईआरटी के एआई आधारित शिक्षक प्रशिक्षण मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता मिली है।
शिक्षा में डिजिटल नवाचार
डा. रावत ने बताया कि एससीईआरटी द्वारा विकसित ‘फंडामेंटल्स ऑफ एआई एंड आईसीटी टूल फॉर स्कूल टीचर्स’ ऑनलाइन कोर्स ने राज्य में डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण को नई दिशा दी है। इस कार्यक्रम के तहत 49 हजार से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। राज्य के लगभग 97 प्रतिशत विद्यालय इस कार्यक्रम से जुड़े हैं, जिससे 15 हजार से अधिक विद्यालयों तक डिजिटल प्रशिक्षण की पहुंच बन पाई है।
“यह उपलब्धि न केवल उत्तराखंड के शिक्षा प्रयासों की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है, बल्कि यह दिखाता है कि भारत की शिक्षा प्रणाली भी डिजिटल नवाचारों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है।” – डा. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
इस प्रकार, एससीईआरटी के शिक्षकों का संघटन और उनकी प्रतिबद्धता ने इस परियोजना को सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। यह कदम निश्चय ही शिक्षा के क्षेत्र में एक नया युग प्रस्तुत कर रहा है और भविष्य में अन्य प्रदेशों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
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