उत्तराखंड के कर्मचारी 7 अप्रैल को करेंगे विशाल रैली, हड़ताल की चेतावनी
उत्तराखंड के कर्मचारी 7 अप्रैल को करेंगे विशाल रैली, हड़ताल की चेतावनी
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड के राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने 7 अप्रैल को विशाल रैली निकालने का ऐलान किया है। इस रैली के दौरान अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस भी दिया जाएगा।
देहरादून में संयुक्त आंदोलन की तैयारी
उत्तराखंड के राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने हाल ही में अपनी आपातकालीन समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें परिषद ने आगामी चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आंदोलन अब समन्वय समिति के साथ संयुक्त रूप से संचालित किया जाएगा।
आंदोलन की पृष्ठभूमि
कार्यक्रम के तहत, परिषद ने 5 मार्च से 13 मार्च तक गेट मीटिंग, 16 मार्च से 24 मार्च तक मंत्रियों और विधायकों को ज्ञापन, 25 मार्च को जनपद मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना तथा 7 अप्रैल को देहरादून के परेड ग्राउंड से सचिवालय तक विशाल रैली आयोजित करने की योजना बनाई है। इस रैली के दौरान हड़ताल की चेतावनी भी दी जाएगी।
आंदोलन के पीछे की प्रमुख मांगें
बैठक में बताया गया कि समन्वय समिति द्वारा तैयार मांगे पत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया गया है, जिनमें 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर एसीपी, गोल्डन कार्ड में सुधार, और वाहन भत्ता तथा निगम, निकाय और वर्दीधारी कर्मचारियों से संबंधित मांगें शामिल हैं।
आंदोलन की एकता और प्रभाव
प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने बैठक में आंदोलन के प्रारंभिक चरणों की सफलता के लिए सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता ने पूरे प्रदेश में आंदोलन को बल प्रदान किया है।
मुख्य सचिव और वित्त सचिव के साथ बैठक
परिषद का प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री सुधांशु पंत और वित्त सचिव के साथ बैठक में अपनी मांगों को उठाने के लिए भी इरादे बना रहा है।
फिर से एकता का आह्वान
बैठक में सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि परिषद अपने आगामी कार्यक्रम समन्वय समिति के साथ मिलकर संयुक्त रूप से संचालित करेगी, ताकि आंदोलन को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाया जा सके।
अंत में
सरकारी कर्मचारियों का यह आंदोलन न केवल उनकी अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समग्र सामाजिक व आर्थिक न्याय की दिशा में एक कदम भी है। उत्तराखंड के सारे कर्मचारी एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए खड़े हैं, और यह उनका हक है।
इसके सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद, यह स्पष्ट है कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अब एक गंभीर और योजनाबद्ध आंदोलन पर काम कर रही है।
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लेखिका: नीता अग्रवाल, Team Amrita Bazaar Patrika
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