उत्तराखंड: पर्वतीय क्षेत्रों में लागू होगी स्वैच्छिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति 2026

May 13, 2026 - 21:44
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उत्तराखंड: पर्वतीय क्षेत्रों में लागू होगी स्वैच्छिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति 2026
उत्तराखंड: पर्वतीय क्षेत्रों में लागू होगी स्वैच्छिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति 2026

उत्तराखंड कैबिनेट का महत्वपूर्ण निर्णय: पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति 2026 लागू

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड कैबिनेट ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति 2026 को लागू करने का निर्णय लिया है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य किसानों की बिखरी हुई भूमि को समेकित करके उन्हें कृषि कार्य में सरलता प्रदान करना है। इस उपाय से न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों के बीच आपसी विवाद भी कम होंगे।

कैबिनेट की मंजूरी: नीति के मुख्य तत्व

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लागू होने वाली इस नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद, मंत्रिमंडल ने कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इस नीति के अंतर्गत पर्वतीय जिलों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिसके अनुसार प्रत्येक पर्वतीय जिले में 10 गांवों को शामिल किया जाएगा। यदि किसी गांव में 75 प्रतिशत लोगों की सहमति मिलती है, तो वहां चकबंदी समिति का गठन किया जाएगा। इसके लिए डिजिटल नक्शों का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाया जा सकेगा।

चकबंदी का उद्देश्य और लाभ

चकबंदी का मुख्य उद्देश्य कृषकों की विभिन्न स्थानों पर बिखरी हुई भूमि को समेकित करना है, ताकि किसान एक ही बड़े खेत में अपनी उपज को उगा सकें। इस प्रक्रिया से जहां किसानों के खेतों की संख्या कम होगी, वहीं उनकी कृषि कार्य करने की प्रक्रिया भी सरल और प्रभावी होगी। चकबंदी की प्रक्रिया से खेतों का आकार बढ़ने से, किसान कृषि संसाधनों का समुचित प्रयोग कर सकेंगे। इसका सीधा प्रभाव कृषि उत्पादन पर पड़ेगा। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इससे किसानों के बीच आपसी विवाद कम होंगे, जो कि लंबे समय से एक समस्या बनी हुई थी।

अतिरिक्त न्यूनीकरण क्रम में अन्य निर्णय

कैबिनेट द्वारा लिए गए कुछ अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी हैं:

  • राजस्व परिषद के संशोधन: उत्तराखंड राजस्व परिषद, समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली 2026 के अंतर्गत कंप्यूटर टाइपिंग की गति को 8,000 की-डिप्रेशन प्रति घंटा के मानक पर लाया गया है।
  • सगंध पौधा केंद्र का नाम परिवर्तन: सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र का नाम बदलकर परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान किया गया है।
  • न्याय विभाग के लिए पद सृजन: न्याय विभाग के अंतर्गत रजिस्ट्रार न्यायालय और केस प्रबंधक का पद सृजित किया गया है।
  • चिकित्सा शिक्षा निदेशालय का ढांचा: चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे में 29 से 40 पद किए जाने को मंजूरी मिली है।
  • महिला स्पोर्टस कॉलेज: लोहाघाट चम्पावत में महिला स्पोर्टस कॉलेज के लिए 16 पदों का सृजन किया गया है।
  • पर्यटन पंजीकरण नियमावली में बदलाव: होमस्टे और ब्रेड एण्ड ब्रेकफास्ट के लिए नियमावलियों को संकलित कर एक नई नियमावली बनाई गई है।

निष्कर्ष

उपरोक्त निर्णय से स्पष्ट है कि उत्तराखंड कैबिनेट ने पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। स्वैच्छिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति 2026 न केवल किसानों के जीवन को आसान बनाएगी बल्कि कृषि उत्पादन में भी वृद्धि करेगी। इस नीति के प्रभावी कार्यान्वयन से उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका - सुमित शर्मा

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