उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के लिए यूकाड़ा की अनूठी पहल, 80 घंटे की निःशुल्क उड़ान सेवा

Jun 5, 2026 - 00:44
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उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के लिए यूकाड़ा की अनूठी पहल, 80 घंटे की निःशुल्क उड़ान सेवा
उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के लिए यूकाड़ा की अनूठी पहल, 80 घंटे की निःशुल्क उड़ान सेवा

उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन के लिए यूकाड़ा की अनूठी पहल, 80 घंटे की निःशुल्क उड़ान सेवा

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देहरादून 04 जून, 2026। आगामी मानसून सीजन को देखते हुए संभावित आपदाओं और आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रत्येक हेली कंपनी ने, जो प्रदेश में चारधाम यात्रा के दौरान कार्यरत हैं, यूकाडा को 10-10 घंटे के निःशुल्क उड़ान समय उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। कुल मिलाकर, आठ हेली कंपनियों द्वारा मिलाकर 80 घंटे का ये विशेष उड़ान समय आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा।

आवश्यकता के समय त्वरित सहायता

प्रदेश में चारधाम यात्रा के अंतर्गत चलने वाली हेली सेवाओं का यह पहल न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि आपदा प्रबंधन में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन निःशुल्क उड़ान घंटों का उपयोग मेडिकल इमरजेंसी, एयर रेस्क्यू, और दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत, अप्रैल माह से अब तक 100 से अधिक श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित स्थानों तक एयरलिफ्ट किया गया है। इसके अलावा, पिछले एक साल में, विभिन्न आपदा और बचाव अभियानों के दौरान 200 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक बचाव किया गया है।

पर्वतीय क्षेत्रों में जीवनरक्षक सेवाएं

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, बादल फटने और अतिवृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाएं अक्सर देखने को मिलती हैं। ऐसे में हेली सेवाएं राहत तथा बचाव कार्यों के लिए जीवनरेखा साबित होती हैं। मानसून के दौरान जब भी कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, प्रशासन इस निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर का तात्कालिक उपयोग कर प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से राहत पहुंचा सकता है। यह प्रबंधन न केवल मदद पहुंचाने में समय के महत्व को समझाता है, बल्कि राहत और बचाव कार्यों की गति को भी बढ़ाता है।

मुख्यमंत्री के निर्देशन में आपदा प्रबंधन की नई दिशा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार, यूकाडा की यह पहल सुरक्षित एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। ये समय-समय पर अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

विशेष योजनाओं की जानकारी

यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए हेली कंपनियों के चयन की टेंडर प्रक्रिया में हर कंपनी से 10 घंटे के निःशुल्क उड़ान समय का प्रावधान रखा गया था। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य मेडिकल इमरजेंसी, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे यात्रियों की सहायता और राहत कार्यों में तेजी लाना है।

सफल rescues की कहानियाँ

यूकाडा के ऑपरेशन प्रमुख अमित शर्मा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान बीमार पड़ने वाले या चिकित्सा आपात स्थिति का सामना कर रहे श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित स्थानों और अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में, 200 से अधिक लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है। इस वर्ष के चारधाम यात्रा के दौरान, केदारनाथ क्षेत्र से ही 100 से अधिक लोगों को मेडिकल इमरजेंसी के तहत एयर रेस्क्यू सेवा प्रदान की गई है।

कम शब्दों में कहें तो, यूकाडा की यह पहल आपदा प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम है जो न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि संकट के समय में त्वरित और जीवन रक्षक सेवाएं भी प्रदान करता है।

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सादर,
Team Amrita Bazaar Patrika

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