उत्तराखंड में कूड़े के ढेर से बना ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क, जिलाधिकारी के प्रयासों से बदली इलाके की तस्वीर

Apr 12, 2026 - 00:44
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उत्तराखंड में कूड़े के ढेर से बना ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क, जिलाधिकारी के प्रयासों से बदली इलाके की तस्वीर
उत्तराखंड में कूड़े के ढेर से बना ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क, जिलाधिकारी के प्रयासों से बदली इलाके की तस्वीर

उत्तराखंड में कूड़े से बना ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में कूड़े के ढेर से बने ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क ने क्षेत्र की तस्वीर को पूरी तरह से बदल दिया है। यह पार्क जिलाधिकारी के निर्देशों और नगर निगम श्रीनगर की सक्रिय भागीदारी से साकार हुआ है।

रजत जयंती पार्क का उद्घाटन

‘रजत जयंती पार्क’ का उद्घाटन पौड़ीनर्सरी रोड पर पुराने रैन बसेरे के पास किया गया। इस पार्क के निर्माण से पहले, इस स्थान के बारे में लोगों में नकारात्मक धारणा थी। लोग यहां जाने से कतराते थे, लेकिन अब यह स्थान भीड़ से भर गया है। लोग अब अपनी छुट्टियां और खास क्षण यहां बिता रहे हैं।

परियोजना का उद्देश्य

‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क का उद्देश्य न केवल पर्यावरण की रक्षा करना है, बल्कि लोगों को एक बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण प्रदान करना भी है। इस पार्क में कचरे के अपशिष्टों का पुनर्चक्रण कर उन्हें खूबसूरत आवाजाही के स्थान में बदला गया है। यह पार्क अब शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन गया है।

जिलाधिकारी के प्रयासों की सराहना

जिलाधिकारी की दमदार नेतृत्व ने इस परियोजना को संभव बनाया। उन्होंने स्थानीय समुदाय के सहयोग से कूड़े के ढेर पर इस पार्क का निर्माण किया। जिलाधिकारी ने कहा, "हमें अपने शहर को हरित बनाना है और यह पार्क इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।"

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों ने इस पार्क की तारीफ करते हुए कहा कि इसने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। पहले जहां लोग इस जगह से दूर भागते थे, अब वे परिवार और दोस्तों के साथ यहां समय बिताना पसंद कर रहे हैं।

अभियान का महत्व

इस परियोजना का महत्व सिर्फ पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी है। एक अध्ययन से यह पता चला है कि हरित क्षेत्रों में समय बिताने से तनाव में कमी आती है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।

भविष्य की योजनाएं

नगर निगम ने इस पार्क के विस्तार की भी योजना बनाई है। इसमें और भी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी ताकि लोग यहां और ज्यादा समय बिता सकें। इसके अलावा, सीमित समारोहों और प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा ताकि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे इस पार्क को साफ-सुथरा बनाकर रखें और इसे अपना मानकर देखें।

अंत में, ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क सिर्फ एक पार्क नहीं है, बल्कि एक उदाहरण है कि किस तरह से हम कचरे को खूबसूरत चीजों में बदल सकते हैं। यह परियोजना न केवल उत्तराखंड के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है।

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सादर,

टीम अमृता बाजार पत्रिका, स्वाति शर्मा

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