उत्तराखंड में राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु अवधि का विस्तार, महत्वपूर्ण कदम
उत्तराखंड में राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु अवधि का विस्तार
कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया के लिए आवेदन की अवधि 2021 तक बढ़ा दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद लागू हुआ है।
देहरादून। राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के लम्बित आवेदनों के चिन्हीकरण के लिए समयावधि में विस्तार करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुमोदन के बाद यह आदेश जारी हुआ है। सरकार का उद्देश्य इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी और समावेशी बनाना है, ताकि सभी वास्तविक आंदोलनकारियों को उचित सम्मान मिल सके।
मुख्यमंत्री धामी ने इस संदर्भ में कहा है कि सरकार राज्य आंदोलन से जुड़े सभी वास्तविक आंदोलनकारियों के सम्मान और पहचान के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए उचित व्यवस्था की जा रही है।
इस विस्तार के अनुसार, अब लंबित आवेदनों के निस्तारण की समयावधि 24 जुलाई 2026 से 24 सितंबर 2026 तक होगी। इस संबंध में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को शासनादेश की प्रतियां भेजी जा चुकी हैं।
राज्य में पिछले कुछ वर्षों से आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया को लेकर विभिन्न आंदोलनों की मांगें उठ रही थीं। अब, सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से राज्य आंदोलनकारियों के हक और पहचान को मान्यता मिलेगी। यह निर्णय समाज के एक महत्वपूर्ण वर्ग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
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इस आदेश के माध्यम से उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही ‘सबका साथ, सबका विकास’ नीति को भी सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। राज्य आंदोलनकारियों की पहचान एवं सम्मान के चलते आदर्श समाज का निर्माण संभव होगा।
Team Amrita Bazaar Patrika - सुमन शर्मा
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