उत्तराखंड में विज्ञान और तकनीक के इकोसिस्टम के सुदृढ़ीकरण को लेकर मंथन

Feb 25, 2026 - 07:44
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उत्तराखंड में विज्ञान और तकनीक के इकोसिस्टम के सुदृढ़ीकरण को लेकर मंथन
उत्तराखंड में विज्ञान और तकनीक के इकोसिस्टम के सुदृढ़ीकरण को लेकर मंथन

उत्तराखंड में विज्ञान और तकनीक के इकोसिस्टम के सुदृढ़ीकरण को लेकर मंथन

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड राज्य में विज्ञान और तकनीक के इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में विभिन्न विशेषज्ञों और उद्यमियों ने भाग लिया।

देहरादून में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने की। उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) के सामान्य महासभा में विज्ञान, तकनीक और नवाचार से संबंधित राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिकों और उद्यमियों ने भाग लिया। ये लोग भौतिक और वर्चुअल दोनों माध्यमों से शामिल हुए।

विज्ञान और तकनीकी इकोसिस्टम पर चर्चा

बैठक में उत्तराखंड में विज्ञान और तकनीक आधारित इकोसिस्टम विकसित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। यूकास्ट के महानिदेशक दुर्गेश पंत ने परिषद की उपलब्धियों, विभिन्न कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि 88.8 मेगाहर्ट्ज़ पर विभिन्न कार्यक्रम जैसे 'विज्ञान वाणी', 'विज्ञान दृश्यम' और 'विज्ञान धारा' का संचालन किया जा रहा है, जो कि राज्य में विज्ञान के प्रचार-प्रसार में मददगार साबित हो रहे हैं। यह पहल देहरादून के वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए एक प्रभावी मंच बना रही है।

STEM शिक्षा में सहयोग

बैठक में STEM विषयों में छात्रों और युवाओं की रुचि बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मेंटरशिप कार्यक्रमों के ज़रिए विज्ञान और तकनीक का प्रसार किया जाए। विद्यालयों में विज्ञान संवाद, पॉडकास्ट, साइंस पत्रिका और संगठित मेंटरशिप कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही, वैज्ञानिक संस्थानों के लिए प्रभावी मेंटरशिप के लिए SOP तैयार करने के निर्देश दिए गए।

लैब ऑन व्हील्स और नवाचार केंद्रों का महत्व

विभिन्न जनपदों में स्थापित लैब ऑन व्हील्स कार्यक्रम के सफल परिणामों को देखते हुए इसे पर्वतीय क्षेत्रों में विस्तारित करने का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में अल्मोड़ा जनपद के मानसखंड साइंस सेंटर और चंपावत विज्ञान केंद्र के विकास पर भी चर्चा हुई। हर जनपद में नवाचार केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया है ताकि अधिक से अधिक छात्रों को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सक्रिय किया जा सके।

समापन विचार

इस बैठक में आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत, भारतीय पेट्रोलियम संस्थान के निदेशक हरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रमुख उद्यमी डॉ. लडवाल और अन्य कई वैज्ञानिक तथा तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया। मुख्य सचिव ने उत्तराखंड को एक आदर्श वैज्ञानिक इकोसिस्टम मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए।

बैठक के परिणामस्वरूप प्रदेश में विज्ञान और तकनीक के प्रति व्यापक रुचि जागृत होगी और इससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। यह विषय न केवल छात्रों को प्रेरित करेगा बल्कि राज्य की आर्थिक वृद्धि में भी सहायक सिद्ध होगा।

इस तरह के आयोजनों की जरूरत है ताकि उत्तराखंड में वैज्ञानिक सहयोग और नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके। अंततः, यह उत्तराखंड को विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

फिर से ज़िक्र करते हुए, उत्तराखंड में विज्ञान और तकनीक के इकोसिस्टम का विकास संपूर्ण समाज के लिए फायदेमंद होगा। इसके माध्यम से हम न केवल नवाचार को बढ़ावा देंगे, बल्कि विद्यार्थियों में विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि भी बढ़ाएंगे। भविष्य में ऐसी और भी बैठकें आयोजित की जा सकती हैं।

अधिक अपडेट के लिए, कृपया [यहाँ](https://amritabazaarpatrika.com) जाएं।

टीम अमृता बाजार पत्रिका
संपादक: शोभा कुमारी

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