उत्तराखंड में होली पर आपात सेवाएं मुस्तैद, ‘108’ और ‘खुशियों की सवारी’ अलर्ट पर
उत्तराखंड में होली पर आपात सेवाएं मुस्तैद, ‘108’ और ‘खुशियों की सवारी’ अलर्ट पर
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कम शब्दों में कहें तो, आगामी होली के पर्व पर उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट किया है। 'कैम्प 108' एम्बुलेंस सेवा और 'खुशियों की सवारी' (KKS) प्राथमिक चिकित्सा सहायता के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है। इस संबंध में सोमवार को देहरादून में जी.एम. (प्रोजेक्ट्स) अनिल शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी तैयारियों का गंभीरता से अवलोकन किया गया।
आपात सेवाओं की तैयारियां
जी.एम. अनिल शर्मा ने बताया कि होली के जश्न के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक से अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को 'हाई अलर्ट' पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तराखंड के मुख्य चौराहों जैसे सर्वे चौक, घंटाघर, जाखन, रायपुर, बल्लूपुर चौक, प्रेमनगर, विधानसभा और रेसकोर्स में विशेष रूप से एम्बुलेंस तैनात की गई हैं।
सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था
एचडब्ल्यूएस (Health and Wellness Services) के साथ मिलकर पुलिस विभाग को भी सहायता देने के लिए तैयार किया गया है। मैदानी जिलों में एम्बुलेंसों के साथ सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित समस्या का शीघ्र निवारण किया जा सके। इसके अतिरिक्त, सभी जिलों में तैनात कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं ताकि समस्त सेवाएं निरंतर चल सकें।
बैकअप एम्बुलेंस की व्यवस्था
उत्तराखंड सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके, प्रदेश भर में 18 अतिरिक्त बैकअप एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। पिछले वर्ष 13 से 15 मार्च के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं और आपातकालीन केसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष सुरक्षित व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।
पिछले वर्ष की तुलना
पिछले वर्ष की रिपोर्ट कार्ड के अनुसार, 13 से 15 मार्च 2025 के बीच उत्तराखंड में कुल 1186 आपातकालीन केस दर्ज किए गए, जिनमें से:
- रोड ट्रैफिक एक्सीडेंट: 160
- प्रसव संबंधी केस: 295
- हृदय रोग संबंधी केस: 32
- अन्य: 699
‘खुशियों की सवारी’ सेवा
गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए यह राहत की बात है कि होली के दिन भी ‘खुशियों की सवारी’ (KKS) सेवा निरंतर प्रदान की जाएगी। इस सेवा के अंतर्गत 128 वाहनों के माध्यम से प्रसव के बाद माँ-बच्चे को घर छोड़ने और एक वर्ष से कम उम्र के बीमार बच्चों को अस्पताल से घर पहुंचाने की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
सेवा की निगरानी
सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, और नैनीताल जैसे जिलों में मोबाइल टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक तैनात कर्मचारियों की मुस्तैदी की निगरानी करेंगी।
अनिल शर्मा का संदेश
अंत में, अनिल शर्मा ने प्रदेशवासियों को सुरक्षित होली की शुभकामनाएं देते हुए बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम से बचने की सलाह भी दी है।
इस समाचार के द्वारा उत्तराखंड सरकार की ओर से दी गई मुस्तैदी और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती व्यवस्था को समझना महत्वपूर्ण है। आपातकालीन स्थितियों में सावधानी बरतना और उचित उपाय करना सभी के लिए आवश्यक है।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहां क्लिक करें.
सादर,
अमृता बाजार पत्रिका की टीम, साक्षी शर्मा
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