उत्तराखंड सरकार की नई पहल: सरकारी आवासों के पुनर्निर्माण और नए निर्माण की योजना का शुभारंभ
उत्तराखंड सरकार की नई पहल: सरकारी आवासों के पुनर्निर्माण और नए निर्माण की योजना का शुभारंभ
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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मुख्य सचिव आनंद बर्धन की देखरेख में यह योजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत सरकारी कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने के लिए व्यापक योजना पर काम किया जा रहा है।
जर्जर आवासों की पहचान, नए निर्माण की तैयारी
उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में जर्जर सरकारी आवासों के सर्वेक्षण की योजना बनाई है। इनमें से जिन भवनों की स्थिति अत्यंत खराब है, उन्हें पुनर्निर्माण या नए आवासों के निर्माण के माध्यम से बेहतर बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जहां भी विभागीय या सरकारी भूमि उपलब्ध होगी, वहाँ नए आवासीय परिसरों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रक्रिया से सरकारी कर्मचारियों को कार्यस्थल के निकट सुरक्षित और व्यवस्थित आवास उपलब्ध कराने का अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
समयबद्ध कार्यों की निगरानी के लिए समिति
इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने हेतु राज्य संपत्ति विभाग के स्तर पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जर्जर भवनों और नए निर्माण की संभावनाओं का त्वरित सर्वेक्षण करेगी। सर्वेक्षण के आधार पर विस्तृत प्राक्कलन शासन को भेजा जाएगा, ताकि निर्माण और मरम्मत से जुड़ी परियोजनाओं को समय पर स्वीकृति मिल सके। इसके अलावा, कार्यदाई संस्थाओं को यह निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों और उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
रेसकोर्स में नए आवास का निर्माण
राज्य संपत्ति विभाग के अंतर्गत देहरादून के ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी, रेसकोर्स क्षेत्र में भी नई आवासों के निर्माण की योजना बनाई गई है। यहाँ जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद खाली हुई जमीन पर 31 नए आवास बनाए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके साथ 10 और आवासों के निर्माण की योजना भी प्रस्तुत की गई है। यह दोनों परियोजनाएँ विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन के आधार पर प्रस्तावित की गई हैं, जिनकी लागत लगभग 1458.56 लाख रुपये और 743.95 लाख रुपये है।
सरकारी आवासीय ढांचे के लिए नया स्वरूप
इन परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण समिति की बैठक में किया गया, जहाँ दोनों योजनाओं को स्वीकृति दी गई। यह सरकारी पहल प्रदेश में आवासीय ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बेहतर आवासीय सुविधाएँ सुनिश्चित करने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा।
आवास सचिव डॉ आर. राजेश कुमार का बयान
राज्य संपत्ति विभाग के सचिव डॉ आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सरकार लगातार बेहतर आवासीय सुविधाएँ प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि कई जिलों में पुराने सरकारी आवास जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं, और ऐसे आवासों की पहचान कर पुनर्निर्माण की योजना तैयार की जा रही है। डॉ. राजेश कुमार ने यह भी बताया कि गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाई गई है। उनका उद्देश्य है कि आने वाले समय में पूरे प्रदेश में आधुनिक और सुरक्षित आवासीय ढांचा स्थापित किया जाए।
इस पहल की सफलता से न केवल कर्मचारियों के रहन-सहन में सुधार आएगा, बल्कि यह राज्य प्रशासन की कार्यप्रणाली में भी एक सकारात्मक बदलाव लाएगा। इसके माध्यम से उत्तराखंड सरकार हरियाली और विकास की अपनी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है।
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सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका सुषमा रावत
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