उत्तराखंड सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र और बीकेटीसी में बड़ा फेरबदल किया

Mar 18, 2026 - 07:44
 110  501.8k
उत्तराखंड सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र और बीकेटीसी में बड़ा फेरबदल किया
उत्तराखंड सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र और बीकेटीसी में बड़ा फेरबदल किया

उत्तराखंड सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र और बीकेटीसी में बड़ा फेरबदल किया

ब्रेकिंग न्यूज़, दैनिक अपडेट और एक्सक्लूसिव कहानियाँ - अमरिता बाजार पत्रिका

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र के प्रबंधन में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस फेरबदल में चर्चित अधिकारियों को हटाया गया है और नए प्रबंधकों की नियुक्ति की गई है।

फेरबदल की प्रमुख बातें

उत्तराखंड के ऊर्जा क्षेत्र में यह बड़ा फेरबदल था, जिसमें प्रमुख सचिव ऊर्जा, आर मीनाक्षी सुंदरम द्वारा जारी आदेशों के अनुसार कई अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया। इस फेरबदल के अंतर्गत ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार यादव और जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. संदीप सिंघल को हटा दिया गया है।

गौरतलब है कि जल विद्युत निगम के कार्यकारी निदेशक अजय कुमार सिंह को प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं, पिटकुल में प्रतिनियुक्ति पर गए गजेंद्र सिंह बुधियाल को ऊर्जा निगम में प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।

बीकेटीसी में भी बदलाव

सोमवार को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल को भी उनके पद से हटाकर मूल विभाग में भेजा गया है। उन्हें मुख्य कार्याधिकारी के पद पर तैनात किया गया था, लेकिन अब उनके स्थान पर किसी और को नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है।

आदेशों का विवरण

क्रमशः, सरकार द्वारा जारी किए गए क्रम में जो आदेश हैं, वह इस प्रकार हैं:

  • अनिल कुमार यादव: प्रबंध निदेशक, यूपीसीएल।
  • डा. संदीप सिंघल: प्रबंध निदेशक, यूजेवीएनएल।
  • अजय कुमार सिंह: प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार।
  • गजेंद्र सिंह बुधियाल: ऊर्जा निगम में प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त दायित्व।
  • विजय प्रसाद थपलियाल: बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति से हटाना।

बदलाव का उद्देश्य

इस फेरबदल का उद्देश्य उत्तराखंड के ऊर्जा क्षेत्र में कार्यकुशलता और पारदर्शिता बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि ताज़ा खून लाने से नई विचारधारा और विचारधारा को लागू किया जा सकेगा, जिससे ऊर्जा संकट का बेहतर समाधान निकाला जा सकेगा। इसके अलावा, जल विद्युत परियोजनाओं की गति भी बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है।

समाप्ति विचार

यह निश्चित रूप से उत्तराखंड के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में मदद मिलेगी। सरकार के इस निर्णय से न केवल ऊर्जा क्षेत्र में बल्कि अन्य स्तंभों में भी सुधार की संभावना है।

प्रस्तुत लेख में दी गई सभी जानकारी की पुष्टि मौजूदा सरकारी आदेशों और अधिकारियों की अनौपचारिक प्रतिक्रियाओं पर आधारित है। अधिक अपडेट के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं: अमरिता बाजार पत्रिका.

टिम अमरिता बाजार पत्रिका

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0