उत्तराखण्ड की राजनीति में हलचल: 8 फरवरी की दून महापंचायत

Feb 8, 2026 - 00:44
 137  501.8k
उत्तराखण्ड की राजनीति में हलचल: 8 फरवरी की दून महापंचायत
उत्तराखण्ड की राजनीति में हलचल: 8 फरवरी की दून महापंचायत

उत्तराखण्ड की राजनीति में हलचल: 8 फरवरी की दून महापंचायत

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो 8 फरवरी को देहरादून में आयोजित महापंचायत ने उत्तराखण्ड की राजनीतिक गर्मी बढ़ा दी है। इस महापंचायत में अंकिता मर्डर के मुद्दे पर कई संगठनों ने आवाज उठाई और सीबीआई जांच की मांग को दोहराया।

दून में 8 फरवरी को आयोजित महापंचायत ने उत्तराखण्ड की राजनीतिक स्थिति को एक नया मोड़ दे दिया है। इस महापंचायत का आयोजन अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना है। इस महापंचायत में पूर्व सैनिक, महिलाएं, युवा, और प्रवासी उत्तराखंडियों के हिस्सा लेने की उम्मीद जताई जा रही है।

महापंचायत की तैयारी जोर शोर से चल रही है, जहां पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। खुफिया एजेंसियाँ भी भीड़ की संख्या का अनुमान लगाने में जुटी हुई हैं। इस महापंचायत का मुख्य मुद्दा अंकिता मर्डर केस का 'वीआईपी' ऐंगल है, जिस पर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। हालाँकि, अंकिता के माता-पिता और आंदोलनकारी संगठन इस जांच को सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। Mahapanchayat Image

महापंचायत में अपनी आवाज उठाने वाले प्रमुख आंदोलनकारी कमला पंत ने कहा कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस महापंचायत को 40 से अधिक जन संगठनों और इंडिया गठबंधन के नेताओं का समर्थन प्राप्त है। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा जाएगा, जिसमे न्याय की मांग की जाएगी।

कमला पंत ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि केवल उत्तराखण्ड नहीं, बल्कि अन्य राज्यों से भी प्रवासी लोग इस महापंचायत में भाग लेने के लिए आएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पूरे प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में पंपलेट वितरण, कार्यक्रमों का आयोजन और अन्य कई गतिविधियों का समावेश होगा।

महापंचायत में शामिल होने वाले पूर्व सैनिक और अन्य संगठनों ने भी सुनिश्चित किया है कि वे इस आंदोलन में भाग लेंगे। यह देखा जाना दिलचस्प होगा कि महापंचायत के बाद इस मुद्दे की दिशा कैसे प्रसारित होती है, खासकर तब, जब हाल की घटनाओं ने फिर से राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है।

इस बीच, विवादित अंकिता मर्डर केस में सीबीआई द्वारा की जा रही जांच को लेकर पूछे जाने पर पूर्व सैनिक सर्वेश डंगवाल ने कहा कि यह जांच एक ऐसे व्यक्ति की प्रारंभिक रिपोर्ट पर आधारित है जो आंदोलन से पहले अंकिता के न्याय के लिए नहीं खड़ा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरणविद् अनिल जोशी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर की जा रही जांच को मान्यता नहीं दी जा सकती।

सितंबर 2022 में अंकिता की हत्या के मामले में भाजपा नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य सहित तीन लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। तीनों आरोपी इस समय जेल में हैं और उनकी जमानत नहीं हुई है।

इस महापंचायत के माध्यम से उत्तराखण्ड की राजनीतिक स्थिति में एक नया मोड़ आने की संभावना बनी हुई है। साथ ही, यह भी देखना उतना ही महत्वपूर्ण होगा कि दून में होने वाली इस महापंचायत का सामूहिक प्रभाव क्या होगा।

अधिक जानकारी और अपडेट के लिए, कृपया हमारी वेबसाइट Amrita Bazaar Patrika पर जाएं।

सादर,
टीम अम Rita Bazaar Patrika
अविकल थपलियाल

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0