उत्तराखण्ड के शिक्षक-कर्मचारी सोमवार को करेंगे कार्य बहिष्कार, सरकार में हड़कंप
उत्तराखण्ड के शिक्षक-कर्मचारी सोमवार को करेंगे कार्य बहिष्कार, सरकार में हड़कंप
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कम शब्दों में कहें तो: उत्तराखण्ड के शिक्षक एवं कर्मचारी सोमवार को कार्य बहिष्कार करेंगे, जो पिछले दिनों शिक्षा निदेशक पर हुए हमले का विरोध है। विभिन्न संगठनों ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए यह कदम उठाया है।
देहरादून। हाल ही में शिक्षा निदेशक अजय नौडियाल पर हुए हमले के बाद, विभिन्न शैक्षणिक संगठनों ने एक आपात बैठक बुलाकर कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। यह फैसला सोमवार को लागू होगा और इससे उत्तराखण्ड बोर्ड की परीक्षाओं को बाहर रखा गया है। बैठक में विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने एकता दिखाते हुए सरकार के खिलाफ घोषणा की है।
कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए सोमवार को दो बजे के बाद कोर कमेटी की बैठक होगी। कर्मचारी नेता राम सिंह और दीपक जोशी ने कहा कि शिक्षा निदेशक की हत्या के प्रयास के तौर पर इस घटना को देखा जाना चाहिए।
इस बैठक में, सीसीटीवी फुटेज और अन्य वीडियो की जांच के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई गई। शिक्षक-कर्मचारी संगठनों ने देहरादून और अन्य क्षेत्रों में भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ और अन्य दोषियों की गिरफ्तारी को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है।
बैठक में सरकार के खिलाफ सख्त शब्दों में विरोध दर्ज किया गया। वक्ताओं ने नैतिकता का उल्लंघन करते हुए भाजपा विधायक उमेश शर्मा और उनके समर्थकों की कड़ी निंदा की है।
बाद में बैठकों का सिलसिला जारी रहा, जिसमें राज्य के विभिन्न कर्मचारियों ने आपसी सहयोग को और बढ़ाया। चालू स्थिति में, कुछ सरकारी अधिकारी, विशेषकर महिला अधिकारी,ने आरोप लगाया कि कई सत्तारूढ़ दल के नेता उन पर दबाव डाल रहे हैं।
उत्तराखण्ड राज्य की कार्यरत शिक्षक-कर्मचारियों की सुरक्षा को खतरा होने के विचारों को साझा करते हुए, अधिकारियों ने सरकार से इस स्थिति का तत्काल समाधान निकालने की मांग की है।
विधायक उमेश काऊ पर चर्चा में एक हिस्ट्रीशीटर का नाम सामने आया है। इस गंभीर मामले को लेकर विभिन्न संलग्न संगठनों ने आरोप लगाया है कि यह घटना बेहद चिंताकारक है। भाजपा विधायक का कहना है कि उनके समर्थक केवल 5-6 लोग थे और कोई हमला नहीं किया गया। परंतु शिक्षा निदेशक ने अपनी प्राथमिकी में इन सभी को आरोपी बनाया है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रकाश सुमन ध्यानी ने इस मामले में भाजपा हाईकमान से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी को इस अराजकता को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे।
कांग्रेस से भाजपा में आए विधायक उमेश काऊ का मामला भाजपा के लिए नई चुनौतियाँ लाने की संभावनाएँ रखता है। इसके अलावा, चुनावी वर्ष में शिक्षक-कर्मचारियों का आक्रोश पार्टी के लिए खतरे का संकेत हो सकता है।
कोटद्वार/एकेश्वर में शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने इस हमले की निंदा की है। वे अधिकारियों पर दबाव डालने का आरोप लगाते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो शिक्षक वर्ग सड़कों पर उतरने को तैयार हैं।
इस पूरे मामले में, राज्य के सभी कर्मचारियों ने मिलकर एकजुटता दिखाई है और एक संदेश भेजा है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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लेखक: सविता शर्मा
टीम अमृता बाजार पत्रिका
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