उत्तराखण्ड में 99% गणना फार्म का डिजिटल रुपांतरण - अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी

Jul 4, 2026 - 21:44
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उत्तराखण्ड में 99% गणना फार्म का डिजिटल रुपांतरण - अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी
उत्तराखण्ड में 99% गणना फार्म का डिजिटल रुपांतरण - अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी

उत्तराखण्ड में 99% गणना फार्म का डिजिटल रुपांतरण - अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी

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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखण्ड में 99% गणना फार्म का डिजिटाइजेशन संपन्न हो चुका है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० विजय कुमार जोगदंडे ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस प्रक्रिया की जानकारी दी।

सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन

देहरादून। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० विजय कुमार जोगदंडे ने शनिवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के अंतर्गत महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने खुलासा किया कि उत्तराखंड में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

डिजिटाइजेशन का कार्य

डॉ० जोगदंडे के अनुसार, प्रदेश में 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक गणना पत्रों का वितरण और डिजिटाइजेशन कार्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में कुल 79 लाख 60 हजार 762 मतदाताओं में से 71 लाख 16 हजार 650 मतदाताओं के फार्म डिजिटाइज कर दिए गए हैं। इस प्रक्रिया की सफलता इस बात का प्रमाण है कि चुनावी प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बनाया जा रहा है।

अनकलेक्टेड श्रेणी के मतदाता

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में 8 लाख 41 हजार 20 मतदाता “अनकलेक्टेड श्रेणी” में शामिल हैं। इसमें 1 लाख 24 हजार 278 मृत, 4 लाख 79 हजार 762 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 61,888 पहले से पंजीकृत, 1 लाख 66 हजार 741 अनुपस्थित और 8,351 मतदाता अन्य कारणों से शामिल हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि चुनावी प्रक्रिया में सफाई और डिजिटलीकरण का कितना महत्वपूर्ण योगदान है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी है कि 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट निर्वाचन रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इसके अलावा, 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे और आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इन दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 के बीच होगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

डॉ० जोगदंडे ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी दलों को बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की शत प्रतिशत नियुक्ति करनी चाहिए। वर्तमान में उत्तराखंड में 11,733 पोलिंग बूथों के लिए 23,102 बीएलए की तैनाती हो चुकी है, जिसमें बीजेपी द्वारा 11,504, कांग्रेस पार्टी द्वारा 11,105, सीपीआई (एम) द्वारा 378, बीएसपी द्वारा 115 और आम आदमी पार्टी ने एक भी बीएलए की नियुक्ति नहीं की है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राजनीतिक दलों का सक्रियता में कितना योगदान है।

इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी से यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड निर्वाचन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के मामले में गंभीर है। सभी दलों को चाहिए कि वे अपने-अपने कार्यों को निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाएं। अगर सभी दल मिलकर सहयोग करेंगे, तो निश्चित ही चुनावी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकेगा।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहां क्लिक करें.

सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका - सविता शर्मा

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