उत्तराखण्ड में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव, IAS और IFS अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियाँ
उत्तराखण्ड में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव, IAS और IFS अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियाँ
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कम शब्दों में कहें तो उत्तराखण्ड शासन ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए IAS और IFS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस फेरबदल के अंतर्गत कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई नियुक्तियां दी गई हैं, जो प्रशासन की गति को तेज करने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक होंगी।
प्रशासनिक बदलाव का उद्देश्य
उत्तराखण्ड सरकार ने आवश्यकतानुसार प्रशासनिक ढांचे की मजबूती के लिए IAS और IFS अधिकारियों के दायित्वों में व्यापक परिवर्तन किया है। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य कार्यों के कुशल संचालन को सुनिश्चत करना और नागरिक सेवाओं में सुधार लाना है। इससे न केवल अधिकारियों को नई चुनौतियाँ मिलेगी, बल्कि विभिन्न विभागों में कार्य संस्कृति को भी गति मिलेगी।
मुख्य अधिकारियों की नई जिम्मेदारियाँ और बदलाव
- लालरिन लियना फैनई (IAS-1997): इन्हें ‘प्रमुख सचिव – आबकारी विभाग’ के प्रभार से मुक्त किया गया है।
- नितेश कुमार झा (IAS-2002): इन्हें ‘सचिन – सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी’ से मुक्त करते हुए ‘सचिव – पंचायती राज विभाग’ की नई ज़िम्मेदारी दी गई है।
- रविनाथ रमन (IAS-2004): ‘सचिव – विद्यालयी शिक्षा’ का दायित्व हटाकर ‘सचिव – परिवहन विभाग’ एवं ‘आयुक्त – परिवहन’ बनाया गया है।
- डॉ० पंकज कुमार पाण्डेय (IAS-2005): इन्हें ‘सचिव – सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग’ का दायित्व सौंपा गया है।
- बृजेश कुमार संत (IAS-2006): इन्हें ‘सचिव – परिवहन विभाग’ से हटाकर ‘सचिव – आबकारी विभाग’ की जिम्मेदारी दी गई है।
- डॉ० सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय (IAS-2007): इन्हें ‘सचिव – गन्ना विकास एवं चीनी विभाग’ का अतिरिक्त/नया दायित्व सौंपा गया है।
- ज्योति यादव (IAS-2009): जो कि बाध्यप्रतीक्षा में थीं, उन्हें ‘सचिव – विद्यालयी शिक्षा (प्राथमिक एवं माध्यमिक)’ का पदभार सौंपा गया है।
- युगल किशोर पंत (IAS-2009): इन्हें ‘सचिव – सचिवालय प्रशासन विभाग’ की नई जिम्मेदारी मिली है।
- रणवीर सिंह चौहान (IAS-2009): इन्हें ‘सचिवालय प्रशासन, गन्ना विकास एवं चीनी विभाग’ से मुक्त करते हुए ‘सचिव – वित्त विभाग’ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
- डॉ० पराग मधुकर ढकाते (IFS): इन्हें ‘विशेष सचिव – पंचायती राज विभाग’ की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
- अभिषेक रुहेला (IAS-2015): इन्हें ‘अपर सचिव – राज्य सम्पत्ति विभाग’ एवं ‘राज्य सम्पत्ति अधिकारी’ की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
निष्कर्ष
यद्यपि यह प्रशासनिक बदलाव उत्तराखण्ड की सरकारी कार्यप्रणाली में नवीनता लाने का प्रयास है, लेकिन यह देखना होगा कि इन परिवर्तनों का कार्यान्वयन कितना प्रभावी होता है। प्रशासन में यह बदलाव न केवल अधिकारियों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी परिणामों को प्रभावित कर सकता है। सरकार की कोशिश हमेशा यह होनी चाहिए कि वह बदलते समय के साथ खुद को ढाल सके।
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Team Amrita Bazaar Patrika, प्रियंका शर्मा
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