उन्नीस शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से नवाजा गया

Sep 5, 2026 - 21:44
 136  501.8k
उन्नीस शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से नवाजा गया

उन्नीस शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से नवाजा गया

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Amrita Bazaar Patrika

कम शब्दों में कहें तो, 19 शिक्षकों को इस वर्ष शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह द्वारा प्रदान किया गया।

देहरादून। शिक्षक दिवस के अवसर पर, 5 सितंबर को, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) एवं विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने 19 उत्कृष्ट शिक्षक-शिक्षिकाओं को ‘शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार-2025’ से सम्मानित किया। यह पुरस्कार शिक्षकों के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जाने वाले उल्लेखनीय कार्यों को मान्यता देने के लिए दिया जाता है।

शिक्षकों का योगदान

राज्यपाल ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि "शिक्षक केवल विद्यार्थियों का जीवन नहीं संवारते, बल्कि वे राष्ट्र का चरित्र भी गढ़ते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सोचने, समझने, प्रश्न करने, और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी है।

डॉ. धन सिंह रावत का संबोधन

विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने समारोह में शामिल सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि "उत्तराखंड में करीब 70,000 शिक्षकों में से 19 का चयन होना उनके उत्कृष्ट कार्य और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रमाण है।" उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों में भी शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

शैलेश मटियानी पुरस्कार का महत्व

डॉ. रावत ने शैलेश मटियानी पुरस्कार को केवल एक सम्मान न मानते हुए कहा कि यह शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के समर्पण और सेवाभाव का प्रतीक है। इस पुरस्कार के माध्यम से शिक्षकों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

साहित्यिक योगदान

उल्लेखनीय है कि विद्वान शैलेश मटियानी ने हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनकी 100 से अधिक पुस्तकों की रचना ने नए पीढ़ी के साहित्य प्रेमियों को प्रभावित किया है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों की प्रेरणा के लिए शैलेश मटियानी की प्रमुख कृतियों को विद्यालयी पुस्तकालयों में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

शिक्षकों के लिए आधुनिक दृष्टिकोण

डॉ. रावत ने शिक्षकों को यह सलाह दी कि वे आज के विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नैतिक मूल्यों, और आत्मविश्वास का निर्माण करें। उन्होंने आगे कहा कि "राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक बनाया जाए।" उन्होंने शिक्षकों के संवेदनशीलता और तकनीक के समन्वय पर भी जोर दिया।

सम्मानित शिक्षकों की सूची

प्रारंभिक शिक्षा श्रेणी:

  • श्री विष्णुपाल सिंह नेगी (पौड़ी गढ़वाल)
  • श्री लखपत सिंह रावत (चमोली)
  • श्री पृथ्वी सिंह रावत (उत्तरकाशी)
  • श्री वीरेंद्र सिंह रावत (देहरादून)
  • श्री रोबिन कुमार (हरिद्वार)
  • श्री महेश्वर प्रसाद सेमवाल (टिहरी)
  • श्री शशिकांत नौटियाल (रुद्रप्रयाग)
  • श्री जहीर अब्बास (चंपावत)
  • श्री नौ सिंह (ऊधमसिंह नगर)
  • डॉ. श्वेता मजगांई (नैनीताल)
  • श्री विक्रम सिंह परिहार (पिथौरागढ़)
  • श्री त्रिलोक सिंह अधिकारी (अल्मोड़ा)

माध्यमिक शिक्षा श्रेणी:

  • श्री नरेंद्र सिंह नेगी (पौड़ी गढ़वाल)
  • डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा (चमोली)
  • डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव (देहरादून)
  • श्रीमती कमलेश पंवार (हरिद्वार)
  • श्री नवीन चंद्र पंत (चंपावत)
  • श्री विशन सिंह मेहता (नैनीताल)

प्रशिक्षण संस्थान श्रेणी:

  • डॉ. सुबोध सिंह बिष्ट (उत्तरकाशी)

विशेष सम्मान—राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025:

  • श्रीमती मंजूबाला (चंपावत)

अंत में, इस समारोह में अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, अपर सचिव शिक्षा नमामि बंसल, और महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी और शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।

इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहां क्लिक करें।

सभी सम्मानित शिक्षकों को पुनः बधाई देते हुए, हम आशा करते हैं कि उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प आगे भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

सादर,
टीम अमृता बाजार पत्रिका
अनुश्री कुमारी

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0