ऋषिकेश: ओम घाट पर गंगा में स्नान करते समय 12 वर्षीय किशोर का डूबना, एसडीआरएफ का खोज अभियान जारी

Jul 14, 2026 - 07:44
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ऋषिकेश: ओम घाट पर गंगा में स्नान करते समय 12 वर्षीय किशोर का डूबना, एसडीआरएफ का खोज अभियान जारी
ऋषिकेश: ओम घाट पर गंगा में स्नान करते समय 12 वर्षीय किशोर का डूबना, एसडीआरएफ का खोज अभियान जारी

ऋषिकेश में गंगा नदी में 12 वर्षीय किशोर का डूबना, राहत कार्य जारी

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कम शब्दों में कहें तो, ऋषिकेश के ओम घाट पर गंगा में नहाते समय 12 वर्षीय किशोर चंदन शर्मा तेज बहाव में बह गया। एसडीआरएफ द्वारा खोजबीन का कार्य जारी है।

ऋषिकेश, 13 जुलाई। सोमवार शाम को एम्स ऋषिकेश के समीप बैराज स्थित ओम घाट पर एक दुखद घटना घटित हुई। गंगा नदी में स्नान करते समय 12 वर्षीय किशोर चंदन शर्मा तेज बहाव में बहकर डूब गया। यह घटना उस समय हुई जब चंदन अपने दोस्तों के साथ नदी में स्नान कर रहा था। अचानक उसकी संतुलन बिगड़ गया और वह तेज धारा में बह गया।

एसडीआरएफ का त्वरित सर्च अभियान

घटनास्थल पर सूचना मिलने के तुरंत बाद एसडीआरएफ की टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू की। ढालवाला पोस्ट की टीम ने गहरे डाइविंग उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर तलाश अभियान प्रारंभ किया। खोजबीन देर शाम तक जारी रही, लेकिन किशोर का कोई सुराग नहीं मिल सका। एसडीआरएफ ने इस मामले में सभी सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की है।

पुलिस और जल पुलिस का सहयोग

इस घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस और जल पुलिस भी सुरक्षा और राहत कार्य में जुटी रही। अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर कार्यवाही में सहयोग किया तथा सुरक्षात्मक उपायों की दिशा में जानकारी दी।

सुरक्षा संबंधी निर्देश

इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए एसडीआरएफ ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे गंगा नदी के जल स्तर और बहाव के तेज होने के कारण सावधानी बरतें। केवल सुरक्षित और चिन्हित घाटों पर ही स्नान करें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

इस घटना के पीछे की असलियत में डूबने के कारणों पर समाजशास्त्रियों की राय भी महत्वपूर्ण हो सकती है। अधिकतर घटनाएं तब होती हैं जब लोग पानी के तेज प्रवाह के प्रति जागरूक नहीं होते। हम स्वच्छता और सुरक्षा में कोई भी लापरवाही नहीं बरत सकते।

गंगा नदी का पानी एक ओर जहाँ शुद्धि का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर इसकी तेज धारा एक खतरनाक समस्या भी बन सकती है। हमें नदी के प्रति अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण पर खुद को शिक्षित करना चाहिए और सुरक्षित स्नान के स्थानों का चुनाव करना चाहिए।

इस घटना ने हमें एक बार फिर यह समझा दिया है कि जल के प्रति सजग रहना कितना आवश्यक है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े खतरे का कारण बन सकती है।

रक्षा एवं स्वास्थ्य संगठनों की कोशिशें इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं, इसलिए प्रशासन को इसे लेकर और भी अधिक जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।

इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए, हम सभी को अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए सही निर्णय लेने की आवश्यकता है।

इस घटना के बारे में और अधिक अपडेट के लिए, कृपया यहाँ क्लिक करें.

टीम अमृता बाजार पत्रिका

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