ऋषिकेश परिसर में कला संकाय का कुलपति द्वारा गहन निरीक्षण: शैक्षणिक सुधार व नवीनतम सुविधाओं पर फोकस
कुलपति ने ऋषिकेश परिसर के कला संकाय का किया व्यापक स्थलीय निरीक्षण
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कम शब्दों में कहें तो, श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अम्बरीश कुमार महाजन ने पं. ललित मोहन शर्मा परिसर में कला संकाय के विभिन्न विभागों का विस्तृत निरीक्षण किया है, जिसमें शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं के सुधार पर जोर दिया गया है।
ऋषिकेश, 21 अगस्त 2026। उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अम्बरीश कुमार महाजन ने शुक्रवार को ऋषिकेश स्थित पं. ललित मोहन शर्मा परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान, उन्होंने कला संकाय एवं उससे संबंधित विभागों का गहन स्थलीय निरीक्षण किया। कुलपति ने परिसर की शैक्षणिक व्यवस्थाओं, उपलब्ध संसाधनों और भवनों की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए शिक्षकों और शोधार्थियों के साथ संवाद किया।
कुलपति के आगमन पर कला संकायाध्यक्ष प्रो. पी.के. सिंह ने उनका स्वागत किया और उन्हें विभिन्न विभागों की शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षण व्यवस्था और अनुसंधान कार्यों से अवगत कराया। इस अवसर पर कुलपति ने संस्कृत, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, हिन्दी, भूगोल, संगीत, शारीरिक शिक्षा तथा योग विभागों का भी निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान, उन्होंने विभिन्न विभागों में संचालित कक्षाओं, उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, कार्यालयों और प्रयोगशालाओं का अवलोकन कर उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शिक्षकों और शोधार्थियों से बातचीत करते हुए विकास के लिए आवश्यकताओं पर चर्चा की। कुलपति ने कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए शोध, नवाचार और कौशल विकास पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है।
कुलपति ने विशेष रूप से योग विभाग की गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया और कहा कि योग की महत्वता को ध्यान में रखते हुए, विश्वविद्यालय में योग शिक्षा और अनुसंधान को अधिक प्रभावी बनाने का कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में योग का महत्व निरंतर बढ़ता जा रहा है और छात्रों को उच्चतम स्तर की योग शिक्षा मिलनी चाहिए।
कुलपति प्रोफेसर अम्बरीश कुमार महाजन ने छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने और सुविधाओं को उपलब्ध कराने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि स्थलीय निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विभागों की वास्तविक स्थिति को समझना और उन्हें आगे बढ़ाने की एक स्पष्ट योजना बनाना है।
कुलपति ने सभी विभागों के समन्वयित प्रयासों के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षण एवं शोध केंद्रों के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परिसरों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस निरीक्षण में परिसर निदेशक प्रोफेसर एम.एस. रावत, कला संकायाध्यक्ष प्रो. पी.के. सिंह, प्रोफेसर संगीता मिश्रा, श्री पुष्कर गॉड और विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी एवं अन्य अधिकारी शामिल रहे।
स्रोत के अनुसार, इस निरीक्षण का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में सुधार लाना और विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर प्रदान करना है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि शैक्षणिक वातावरण को उत्कृष्टता की ओर अग्रसर किया जाएगा।
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इस लेख को लिखने में सहयोग किया है संगीता कुमारी, टीम अमृता बाजार पत्रिका।
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